यांगून: म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थियों के लगातार पलायन को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ओर से उससे नागरिकों की सुरक्षा के आह्वान और इस मसले पर बांग्लादेश के विश्व समुदाय से मदद मांगने के साथ ही म्यांमार पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ा है।
म्यांमार से पलायन करने वाले 3 लाख से अधिक शरणार्थी बांग्लादेश में शरण ले चुके हैं जिसके कारण उत्पन्न संकट के समाधान के लिए बांग्लादेश सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन मोहम्मद अली ने विदेशी राजनयिकों से बातचीत करने के बाद कहा कि इन शरणार्थियों को आवास के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराना जरूरी है जो बांग्लादेश के लिए काफी चुनौती भरा काम है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वह म्यांमार से इस समस्या के स्थायी समाधान का हल निकालने की दिशा में कोई कदम उठाने का दबाव डाले।

इसके अलावा इन शरणार्थियों को बांग्लादेश के बाशहान छार क्षेत्र जिसे थेंघर छार भी कहा जाता है, पर भेजे जाने के लिए समर्थन मांगा हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के एक शीर्ष अधिकारी ने राखिने प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ क्रूर सैन्य अभियान चलाने को लेकर म्यांमार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह‘जनजातीय नरसंहार का पाठ्य पुस्तकों जैसा उदाहरण’है।

अमरीका ने कहा है कि म्यांमार से रोहिंग्या मुसलमानों के हिंसक विस्थापन से पता चलता है कि देश के सुरक्षा बल नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर रहे हैं और म्यांमार की सरकार को इस पर रोक लगाना चाहिए।अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने कल एक बयान जारी करके कहा, हम म्यांमार के सुरक्षा अधिकारियों का आह्वान करते हैं कि वे कानून के शासन का सम्मान करें, हिंसा पर रोक लगाएं और सभी समुदायों के नागरिकों का विस्थापन रोंके।