उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बच्चों के लिए इन्सेफेलाइटिस मौत का बुखार बन गया है. आलम यह है कि जिला अस्पताल के आईसीयू से लेकर चिल्ड्रेन वार्ड तक बुखार से पीड़ित बच्चों भरे पड़े हैं.

सरकारी अस्पताल में दवाओं और सीमित संसाधनों के बीच खीरी जिले में 11 दिन में 18 बच्चे मौत की नींद सो चुके हैं. हाल ये है कि अस्पताल में मरीजों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. वहीं महीने भर में 50 बच्चों की मौत बुखार से हो चुकी है.

बुखार से तड़पते बच्चों को अब आईसीयू में भी जगह नहीं मिल पा रही है. आईसीयू फूल है. चिल्ड्रेन वार्ड में भी बेड नहीं है. बच्चे अपनी मां की गोद में बुखार से तड़प रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग बुखार को एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) बता रहा है. जैसे-जैसे बरसात के बाद तापमान बढ़ रहा है बुखार बच्चों के लिए काल बनता जा रहा है. आईसीयू से लेकर चिल्ड्रेन वार्ड में इस बुखार से पीड़ित मरीजों के मौतों का सिलसिला भी जारी है. पिछले 24 घण्टों में बुखार से 3 बच्चों की मौत हो चुकी है.

अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि पिछले 24 घंटों में एक बच्चे की मौत आईसीयू में हुई, जबकि चिल्ड्रेन वार्ड में एडमिट दो बच्चों की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि इन सभी की मौत एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से हुई है. सीएमएस के मुताबिक काफी संख्या में बच्चे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं.