शिमला के कोटखाई गैंगरेप और हत्या के मामले पर सीबीआई ने प्रदेश के दो और पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की है. जानकारी के मुताबिक, दोनों से दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में पूछताछ हुई है. एक अधिकारी को अभी दिल्ली में ही रखा गया है और एक को वापस भेज दिया गया है.

सीबीआई ने इसकी पुष्टी की है, लेकिन अधिकारियों के नाम नहीं बताए गए. इसकी भी जानकारी नहीं दी कि उनसे किस संबंध में पूछताछ हुई. सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा कि इस प्रकरण में पूछताछ लगातार जारी रहेगी. तथ्यों को खंगाला जा रहा है.

गौड़ का यह भी कहना है कि नार्को टेस्ट या लाई डिटेक्टर से संबंधित कोई भी जानकारी शेयर नहीं की जा सकती है.वहीं, दूसरी ओर, सीबीआई के अधिकारी शिमला में ही डटे हैं. जानकारी के मुताबिक, जो टीम हलाईला क्षेत्र गई थी, वह शिमला लौट आई है. हलाईला क्षेत्र में कई लोगों से पूछताछ होने की भी खबर है.

इससे पहले, सीबीआई शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी, डीएसपी भजनदेव नेगी, एएसपी से भी पूछताछ कर चुकी है. इस मामले में ही कोटखाई थाने में आरोपी सूरज की हत्या को लेकर तो सीबीआई ने आईजी जैदी समेत आठ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था. सभी न्यायिक हिरासत में हैं.

ये है मामला
चार जुलाई को कोटखाई के छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी. इसके बाद छह जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के उसकी लाश मिली थी. छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे.

इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वॉल के कोटद्वार से है. इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई की रात को हत्या कर दी गई थी.

आरोप है कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसकी हत्या कर दी. सीबीआई ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज किया है.