केरल के पुजारी टॉम उजहूनालिल को आईएसआईएस के चंगुल से छुड़ा लिया गया है. 2016 में यमन से उनका अपहरण हो गया था. सूत्रों के अनुसार, पुजारी को मंगलवार को मस्कट से केरल भेजा जाएगा. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.

ओमान विदेश मंत्रालय और यमन के अधिकारियों के प्रयासों से उन्हें छुड़ाने में सफलता हासिल हुई. ओमान के एक समीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार आईएस के चंगुल से निकलने के बाद उन्होंने भगवान का धन्यवाद किया. साथ ही उन्होंने अपने परिजनों का भी शुक्रिया किया.

रिपोर्ट के अनुसार, सुल्तान के कहने पर उजहूनालिल को आईएस से मुक्त करवाने के लिए ओमान के अधिकारियों ने येमेनी अधिकारियों के साथ समन्वय किया और उसे 'वेटिकन कर्मचारी' के रूप में दिखाया. इसके बाद 17 महीने आईएसआईएस के कैद में रहने के बाद उजहूनालिल को मुक्ति मिली.

2016 में आईएसआईएस ने एडेन के दक्षिणी यमनई शहर स्थित एक 'ओल्ड एज होम' पर हमला किया और पुजारी उजहूनालिल को किडनैप कर लिया था. यह 'ओल्ड एज होम' मदर टेरेसा के मिशनरी ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित था. इस हमले में करीब 15 लोग मारे गए थे.

इससे पहले, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उन सभी देशों से बात की है जहां भारत का अपना दूतावास नहीं है. ताकि इन देशों से भी संबंध स्थापित किया जा सके.