गोरखपुर के बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में कई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए नौ लोगों में छठे नामजद आरोपी संजय त्रिपाठी को मंगलवार को गोरखपुर में गिरफ्तार कर लिया गया है. अब पुलिस और एसटीएफ बाकी बचे तीन आरोपियों की तलाश में जुटी है.

बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट अकाउंटेंट संजय त्रिपाठी को पुलिस ने मंगलवार को कैंट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया. बताते हैं कि आरोपी असिस्टेंट अकाउंटेंट संजय त्रिपाठी डॉक्टर सतीश की तरह कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस ने उसकी कोशिश को असफल करते हुए पहले ही कैंट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया. 30 बच्चों की मौत के मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दस व 11 अगस्त की रात 60 से अधिक हुई मौत के मामले में गोरखपुर के जिलाधिकारी को जांच सौंपी गई थी. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से लेकर कई अन्य जिम्मेदार डॉक्टरों को लापरवाही का तो दोषी माना गया था.

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी. मामले में कई स्तरों पर अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही की बातें सामने आई थी. ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली फर्म ने आपूर्ति रोके जाने की बात भी कही थी.

इसके बाद महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा डॉ. के.के. गुप्ता की तहरीर पर 23 अगस्त को पुलिस ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, वार्ड 100 के एनएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. कफील खान, लिपिक सुधीर पांडेय, एनेस्थिसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार, लेखाकार संजय त्रिपाठी, गजानन जायसवाल, उदय शर्मा और मनीष भंडारी शामिल है. इनमें से छह लोग अब तक पकड़े जा चुके हैं.

एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि अब गजानन जायसवाल, उदय शर्मा और मनीष भंडारी की तलाश चल रही है.