आपने लापरवाही, भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के चलते किसी कर्मचारी के निलंबन की बात सुनी होगी, मगर मध्य प्रदेश में एक अजब मामला सामने आया है. यहां के अशोकनगर में एक शिक्षक को महज इसलिए सस्पेंड कर दिया गया, क्योंकि वह खुले में शौच गया था.

जिला शिक्षा अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सोमवार को शासकीय प्राथमिक विद्यालय बुढ़ेरा के सहायक अध्यापक महेंद्र सिंह यादव को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया.

सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया है, "शासन की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन का उल्लंघन करते हुए घर के शौचालय का उपयोग न कर खुले में शौच के लिए गए. शासकीय कर्मचारी द्वारा शासन के निर्देशों की अवहेलना करना कदाचार की श्रेणी में आता है. लिहाजा, उन्हें सस्पेंड किया जाता है."

आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में महेंद्र यादव का मुख्यालय ईसागढ़ रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाहन भत्ता दिया जाएगा.

संभवत: मध्य प्रदेश ही नहीं, यह देश में पहला ऐसा मामला होगा, जब किसी सरकारी कर्मचारी को खुले में शौच करने पर सस्पेंड किया गया हो.