फाईट ऑफ  बुल्स के लिए 2500 से अधिक ड्राइंग का उपयोग : तुषार
रायपुर।
शार्ट फिल्मों के महारथी तुषार वाघेला की दो फिल्में एनिमेशन फिल्म फाईट ऑफ़ बुल्स और लेमेंट ऑफ़ सैमिस फारेस्ट का चयन इक्वेडोर और कोलंबिया के फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है। तुषार ने बताया कि इक्वेडोर के थर्ड ग्वायाकिल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में एनिमेशन फिल्म फाईट ऑफ़ बुल्स का चयन किया गया है तथा कोलम्बिया के सातवें बरिचारा ग्रीन फिल्म फेस्टिवल में लेमेंट ऑफ़ सैमिस फारेस्ट का चयन किया गया है।
तुषार ने बताया कि 16 से 23 सितम्बर को ग्वायाकिल शहर में थर्ड ग्वायाकिल अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन मिनिस्ट्री ऑफ़ कल्चर कोलम्बिया सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। यह इसका तीसरा वर्ष है। इसमें फिल्म फेस्टिवल के साथ फिल्म लैब का आयोजन भी किया जाएगा, जो नए फिल्मकारों की फिल्मों को प्रोड्यूस करने फिल्म निर्माण और प्रोडक्शन में सहयोग करने हेतु होता है।

उन्होंने बताया कि इस फिल्म को रोमानिया, इटली, अमेरिका, स्पेन के अलावा कुल 8 से अधिक इंटरनेशल फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जा चुका हैं। गौरतलब है कि तुषार एक विजुअल आर्टिस्ट और एक्पेरिमेंनटल फिल्ममेकर है उनकी फिल्मों का मुख्य विषय छत्तीसगढ़ पर ही केन्द्रित होता है। वे अपने वीडियो आर्ट, पेंटिंग्स एवं प्रयोगवादी कला फिल्मों से एक नए तरह का सिनेमा रचते हैं, जो अपने आसपास के समाज एवं व्यवस्था पर बहुत सटीक एवं संवेदनशीलता से अपनी बात कहता है। तुषार की फि़ल्में अब तक 70 से अधिक अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में दिखाई जा चुकी हैं। तुषार के मुताबिक, फाईट ऑफ बुल्स  एक एनिमेशन फिल्म है जिसका छत्तीसगढ़ी टाइटिल 'गोल्लर के लड़ईÓ जिसमें दो सांड लड़ते-लड़ते अपने रूप बदलते जाते हैं। वे दो महाशक्तियों अमेरिका - रशिया में बदल जाते हंै। उसी प्रकार वे दो भाषाओं इंग्लिश एवं फ्रेंच, दो परिकल्पनाओं, दो धर्मों में बदलते जाते हैं।

इस फिल्म के निर्माण के लिये लगभग 2500 से अधिक ड्राइंग का उपयोग किया गया है जो हाथों से बनायी गई है। तुषार ने कहा- हम सड़कों पर सांडों की लड़ाई अक्सर देखते हैं वे कहीं से आते हैं खूब घमासान लड़कर बहुत अफरा-तफरी फैलाते हैं। बहुत तोडफ़ोड़ कर, साइकिल, गाडिय़ों  को नुकसान पहुंचाते हुए आखिर में थक कर या बोर होकर अपनी जगहों में लौट जाते हैं, पर अगले दिन वे फिर वापस लौटकर उसी प्रकार लड़ते हैं। यही सब दो बड़े देश करते हैं। सांडों जैसे हर कुछ दिनों में लड़ते हंै और फिर शांत बैठ जाते हैं वैसे ही दो धर्म  या दो विचारधाराए लडती हैं। यहाँ बात सही या गलत की नहीं है दोनों अपनी जगह सही या गलत हो सकते है पर सदियों से यही होता आ रहा है।

उन्होंने बताया कि बरिचारा ग्रीन फिल्म फेस्टिवल कोलम्बिया का आयोजन 20 से 24 सितम्बर को किया जा रहा है। इसका आयोजन फेस्तिवर संस्थान के द्वारा किया जाता है जो कि विश्व प्रसिध्द्द कोलम्बियन एक्टर नोरिदा रोड्रिग्स एव टोटो वेगा ने बनाया था। इस फिल्म फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य वन एवं पर्यावरण से सम्बंधित फिल्मों का प्रदर्शन करना है। लेमेंट ऑफ़ सैमिस फारेस्ट- 'सैमी के जंगल का मृत्युगीतÓ फिल्म ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई जैसे चिंतनीय समस्या पर आधारित है। फिल्म के विषय में तुषार ने कहा- मेरा 5 वर्षीय बेटा सैमी हमेशा जंगल घुमने जाना चाहता है।

वह अपने नन्हें खिलौनों के सिंह, शेर, ध्रुवीय भालू , गोरिल्ला से खेलता है और उसे पूरा यकीन है कि कहीं दूर असली जंगल में यह सारे जानवर मौजूद हैं, पर जिस गति से आज हमारे जंगल नष्ट हो रहें हैं, क्या आज से 35 वर्ष बाद भी वे जानवर और जंगल बचा रहेगा ? ग्रीनपीस संस्था के अनुसार आज हर 2 सेकेण्ड में लगभग एक फुटबाल ग्राउंड के बराबर का हमारा जंगल - खनन, जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई के कारण नष्ट कर दिया जाता है यह सबसे अधिक चिंतनीय बात है।