लाहौर।  पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने जमात...उद..दावा के प्रमुख हाफिज सईद की नजरबंदी समाप्त करने के उसके अनुरोध को खारिज कर दिया है। पंजाब के गृह विभाग ने आज लाहौर उच्च न्यायालय को यह सूचना दी।

इसके साथ ही गृह विभाग ने कहा कि कानून व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका के मद्देनजर सईद के अनुरोध को खारिज कर दिया गया। गृह विभाग ने अपने फैसले के बारे में अदालत को 2 पृष्ठों का जवाब सौंपा। विभाग ने उसके संगठनों जेयूडी और फलाह..ए..इंसानियत की विभिन्न अवैध गतिविधयों का जिक्र करते हुए कहा कि हाफिज सईद के कृत्यों से कानून प्रवर्तक और खुफिया एजेंसियों की आशंकाओं की पुष्टि होती है कि अगर उसे रिहा किया जाता है तो उसकी गतिविधियों से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। व्यापक जन हित को देखते हुए सईद को नजरबंदी में रखने की सिफारिश की गई है। 


न्यायमूर्ति मजाहिर अली नकवी ने मामले की सुनवाई 15 सितंबर तक स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि मुंबई आतंकी हमले के सूत्रधार सईद और उसके 4 सहयोगियों ने अपनी नजरबंदी की अवधि और बढ़ाए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। दरअसल, जमात-उद-दावा ने अदालत में याचिका दी थी कि हाफिज सईद को कई महीनों से अवैध तरीके से हिरासत में रखा जा रहा है। इस पर पाकिस्तान सरकार ने कोर्ट में कहा कि हाफिज सईद के खिलाफ अशांति फैलाने के पर्याप्त सबूत हैं और उस पर आतंकवादी निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की गई है।