रोजाना डीजल -पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से ग्राहकों को फायदा होने का दावा फिलहाल गलत नजर आ रहा है. प्रतिदिन बढ़ती-घटती कीमतों के नए नियम से पेट्रोल की कीमत एक बार फिर 2014 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के भाव 80 रुपये के करीब पहुंच गए है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें ग्लोबल बाजारों में पेट्रोल के रेट्स, क्रूड और डॉलर-रुपए की चाल पर निर्भर करते हैं. अमेरिका में आए तूफान इरमा के चलते दुनियाभर में पेट्रोल के दाम बढ़ गए है. इसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है.

दिल्ली में पेट्रोल हुआ 7 रुपए से ज्यादा महंगा
एक जुलाई से अब तक दिल्ली में पेट्रोल के दाम 7.29 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुके हैं. बुधवार को दिल्ली में पेट्रोल का भाव 70.38 रुपये प्रति लीटर हो गया. जबकि, एक जुलाई को पेट्रोल के रेट्स 63.09 रुपये प्रति लीटर थे. वहीं, इस दौरान मुंबई में पेट्रोल के भाव 74.30 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 79.48 रुपये प्रति लीटर हो गए है.

पेट्रोल-डीजल के रेट्स इन आधार पर होते हैं तय
  ऑयल मार्केटिंग कंपनियां तीन आधार पर पेट्रोल और डीजल के रेट्स तय करती हैं. पहला इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड (कच्चे तेल का भाव). दूसरा देश में इंपोर्ट (आयात) करते वक्त भारतीय रुपए की डॉलर के मुकाबले कीमत. इसके अलावा तीसरा आधार इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल-डीजल के क्या भाव हैं.

इसलिए 15 साल पुरानी व्यवस्था को बदला 
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पहले महीने की 15 और 30 तारीख को पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा किया करती थीं, लेकिन कंपनियों ने 15 साल पुरानी इस पुरानी व्यवस्था को छोड़ रोजाना समीक्षा को अपनाया ताकि ईंधन की लागत में होने वाले अंतर का तत्काल पता लगाया जा सके.