भाजपा के खिलाफ विरोध की रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस सहित 15 विपक्षी पार्टियों के नेता गुरुवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में जुट रहे हैं. 'साझा विरासत बचाओ सम्मेलन' के नाम से हो रहे इस राजनीतिक जमावड़े में विपक्षी पार्टियों के चुनिंदा वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया है.

अब तक शरद यादव दिल्ली, पटना और इंदौर में साझा विरासत बचाओ सम्मेलन कर चुके हैं. जयपुर में चौथा सम्मेलन किया जा रहा है. शरद यादव भाजपा विरोध के इस सम्मेलन की अगुवाई कर रहे हैं. राजस्थान में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का साथ मिल गया है. पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने सम्मेलन को लेकर मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और भाजपा पर जमकर निशाना साधा.

साझा विरासत बचाओ सम्मेलन की तैयारियों में कांग्रेस जुटी हुई है. जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने पीसीसी में बैठक करके सम्मेलन को सफल बनाने के लिए टास्क दिया. इस सम्मेलन में कांग्रेस, आरजेडी, टीएमसी के हाईकमान स्तर के नेताओं की जगह उनके प्रतिनिधि आ रहे हैं.

इस सम्मेलन के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. भाजपा विरोधी दलों के इस जमावड़े का कितना असर होगा, इस पर फिलहाल कुछ कह पाना संभव नहीं है.

जयपुर में जुटेंगे ये 15 विपक्षी पार्टियों के ​नेता
शरद यादव
आनंद शर्मा, कांग्रेस
सुरजीत सिंह सलाथिया, जेकेएनसी
तारिक अनवर, एनसीपी
मनोज झा, आरजेडी
अली अनवर अंसारी, जेडीयू
बाबूलाल मरांडी, जेवीएम
अतुल कुमार अंजान, सीपीआई
जयंत चौधरी, रालोद
अखिलेश यादव, सपा
सुखेंदु शेखर रॉय, तृणमूल कांग्रेस
हेमंत सोरेन, झारखंउ मुक्ति मोर्चा
राजू शेट्टी, स्वाभिमानी पक्ष
प्रकाश अंबेडकर, बीबीएम