स्वच्छ भारत अभियान के तहत हुए कार्यों का जायजा लेने केन्द्र की टीम बिलासपुर आने वाली है. केन्द्रीय टीम के आने से पहले बिलासपुर नगर निगम शहर को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित करने अभियान चला रहा है.

बिलासपुर को ओडीएफ घोषित कराने के लिए नगर निगम अमला खुले में शौच करने वालों पर अलग-अलग तरीके से कार्रवाई कर रहा है. इसके तहत खुले में शौच करने वालों को काउ कैचर गाड़ी में भरकर पूरे शहर का भ्रमण कराया जा रहा है.

इसके अलावा स्कूलों के छात्र-छात्राओं सहित शिक्षक व स्टाफ से संकल्प पत्र भरवाया जा रहा है. इस संकल्प पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि मैं और मेरे परिवार का कोई भी सदस्य वार्ड या नगर निगम के सीमा क्षेत्र में खुले में शौच नहीं जाते. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर निगम के अधिकारी ओडीएफ को लेकर लोगों पर कितना दबाव बना रहे हैं.

इसके तहत वे कह रहे हैं कि खुद भी खुले में शौच नहीं करेंगे और दूसरों को भी रोकेंगे.

इस संकल्प पत्र में नाम, पता और हस्ताक्षर के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. पत्र का पहले से ही फार्मेट सेट है. इसलिए निगम के फरमान को पुरजोर तरीके से कागजों में पूरा किया जा रहा है. ताकि दिल्ली से आने वाली टीम के सामने बिलासपुर को ओडीएफ घोषित कराने में सहायक साबित हो सके.

नगर निगम बिलासपुर के उपायुक्त मिथलेश अवस्थी ने बताया कि निगम अमले द्वारा खुले में शौच जाने वालों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. पहले लोगों को समझाइस दी जाती है. लगातार समझाइस के बाद भी नहीं मानने वालों पर सख्ती की जा रही है.