प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 'दिल से' के बाद अब प्रदेश के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला भी पुलिस से मन की बात कर रहे हैं.

ऋषि कुमार शुक्ला देश के पहले ऐसे डीजीपी हैं, जो लाइव अपने अधिनस्थ अधिकारी और कर्मचारियों से अपने मन की बात कह रहे हैं. पहली लाइव स्ट्रीमिंग में ऋषि कुमार शुक्ला ने पुलिस की कार्यक्षमता को प्रभावी बनाने और सभी को टीम की हैसियत से काम करने की बात कही.

दरअसल, डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला की कोशिश है कि वो प्रदेश के हर छोटे और बड़े पुलिस अधिकारी कर्मचारी से सीधे संवाद कर सकें. इसके लिए एमपी पुलिस की डीजी डेस्क काम कर रही है और इस डेस्क पर ऑनलाइन शिकायत, सुझाव और जानकारी आ रही है.

अब डिजिटल होती एमपी पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाते हुए डीजीपी को सीधे लाइव प्रदेश के हर एक अधिकारी और कर्मचारियों से जोड़ा है. लाइव स्ट्रीमिंग का सफल प्रयोग भी हो चुका है.

आईजी इंटेलिजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि डीजीपी 21 सितंबर को फिर से प्रदेश के पुलिस से लाइव जुड़कर अपने मन की बात करेंगे. इस मन की बात में निर्देश के बाद प्रदेश भर से आने वाली पुलिस समस्याओं के निराकरण की जानकारी भी दी जाएगी.

पुलिस मुख्यालय स्तर से प्रदेश पुलिस को ईमेल और मोबाइल फोन पर डीजीपी के मन की बात की सूचना पहले से दी जाती है. सूचना के साथ एक लिंक दिया जाता है, जिसे पहले से तय तारीक और समय पर खोलने से डीजीपी को लाइव देखा और सुना जा सकता है. साथ ही एमपी पुलिस की बेवसाइट पर दिए डीजी डेस्क पर भी डीजीपी के मन की बात लाइव देखी और सुनी जा सकती है.

आईजी इंटेलिजेंस ने बताया कि डीजीपी की मन की बात का मकसद है कि प्रदेश पुलिस एक टीम की तरह काम करें. किसी तरह का भेदभाव और गलत व्यवहार किसी के साथ न हो पुलिस सिस्टम में सुधार लाना और जनता में पुलिस की दागदार छवि को सुधारा भी इस मन की बात का अहम मकसद है.