मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित सुल्तानिया हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सेवाएं बुधवार को उस समय बुरी तरह चरमा गईं जब साथी नर्सों के निलंबन से नाराज होकर अस्पताल की सभी नर्सों ने काम बंद कर धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया.

नर्सों का आरोप है कि उनका पक्ष सुने बगैर ही निलंबन की कार्रवाई की गई है. जबकि सुल्तानिया अस्पताल प्रबंधन कुछ भी बोलने से इनकार कर रहा है.

दरअसल तीन दिन पहले सुल्तानिया हॉस्पिटल में एक महिला मरीज के पीठ में नीडल फंसे रहने का मामला सामने आया था. इससे पहले भी सुल्तानिया हॉस्पिटल में ही एक गर्भवती महिला का टॉयलेट में प्रसव होने का मामला सामने आया था. इन दोनों मामलों में विभाग प्रमुख ने नर्सों की गलती मानते हुए चार नर्सों को सस्पेंड कर दिया.

नर्सों के मुताबिक दोनों ही मामलों में उनका पक्ष सुने बगैर कार्रवाई की गई है. वहीं अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक नर्सों की हड़ताल को देखते हुए हमीदिया और जे पी हॉस्पिटल से नर्सों को बुलाया है. जल्द ही नर्सों की हड़ताल को खत्म कराने की कोशिश की जाएगी.