सेक्स का संबंध जितना हमारे शरीर से है उतना ही दिमाग से भी है। चूंकि हमारे समाज में सेक्स को टैबू समझा जाता है और इसके बारे में बात नहीं की जाती इसलिए सेक्स को लेकर लोगों के दिमाग में कई तरह की अड़चनें और रूकावटें पैदा हो जाती हैं। यह जानते हुए भी की सेक्स शरीर की जरुरत है कई लोग इसे इन्जॉय नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें सेक्स के बारे में वे बातें पता ही नहीं होती जो उन्हें पता होनी चाहिए। आगे की तस्वीरों में पढ़ें, वे कौन सी बातें हैं जो सेक्स एक्सपर्ट भी चाहते हैं कि लोग जानें...
 
बात करने से बनेगी बात
संवाद और बातचीत, सेक्स का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। चूंकि समाज में सेक्स को टैबू समझा जाता है इसलिए लोग जब साइकोथेरपिस्ट के पास भी जाते हैं तो उनसे भी इस विषय में गंभीरता से बात करने की बजाए सतही तौर पर बात करते हैं। आपके सेक्स परफॉर्मेंस में कौन सी चीज अवरोध बन रही है या पार्टनर आपकी जरूरत के हिसाब से प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, इन सब समस्याओं का हल बात करने से निकल सकता है। लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप बात करें। अगर आप चाहते हैं कि पार्टनर के साथ खुलकर रहें और आप दोनों ही सेक्स को इन्जॉय करें तो अपनी फैंटसी और इच्छाओं के बारे में बात करें।
 
आधा खेल दिमाग का है
जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है कि सेक्स का जितना संबंध शरीर से है उतना ही दिमाग और भावनाओं से भी है। यह जानना बेहद जरूरी है कि आप और आपके पार्टनर सेक्स के बारे में कैसा फील करते हैं। हो सकता है कि आपके लिए सेक्स का जो मतलब हो आपके पार्टनर के लिए उसका मतलब बिलकुल अलग हो। इसलिए अपने आप से सवाल करें कि आपके लिए सेक्स का मतलब क्या है? आपको सेक्स से क्या चाहिए? और किससे चाहिए? इस मामले में आत्मविश्लेषण हमेशा बेहतर रहता है।

कुछ भी नियमों के विरुद्ध नहीं है
सोशल स्टैंडर्स के हिसाब से ऐसी कई चीजें हैं जिसे सेक्स में असामान्य या नियमों के विरुद्ध समझा जाता है। लेकिन साइंस के हिसाब से ऐसी कुछ भी नहीं है। इसलिए यह जरूरी है कि आप किसी थेरपिस्ट के सामने दिल खोलकर बात करें। थेरपिस्ट के सामने आप अपनी सनक, कामोत्तेजना और इच्छाओं को खुलकर व्यक्त कर सकते हैं और वह आपको जज भी नहीं करेंगे। साथ ही वे आपकी गोपनियता भी बरकरार रखेंगे। थेरपिस्ट का काम आपकी मदद करना है ताकि आप अपनी सेक्स लाइफ में बेहतर महसूस कर सकें।
 
समय के साथ आता है बदलाव
अगर आप सोचते हैं कि आपने पहली बार जिस पैशन के साथ अपने पार्टनर के साथ सेक्स किया था, वही पैशन लंबे समय बाद भी आपके रिश्ते में बना रहे तो यह संभव नहीं है। जब कोई रिश्ता लॉन्ग टर्म का होता है तो उसमें सेक्स भी बेहद सामान्य और हर दिन होने वाली चीज बन जाता है।
 
सेक्स का भावनाओं से है जुड़ाव
सेक्स को अलग-थलग नहीं कर सकते। इसके साथ भावनाएं भी इस तरह से जुड़ी होती हैं कि दोनों को अलग नहीं किया जा सकता और भावनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं। यही वजह है कि ब्रेक अप का असर आपके सेक्स को देखने के नजरिए पर भी पड़ता है। इसलिए आपको यह समझना होगा कि सेक्स, कई चीजों से जुड़ा हुआ है।