मध्य प्रदेश के जबलपुर में पहाड़ियों पर अवैध कब्जों को स्थायी पट्टा देने के सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. आम नागरिक मित्र फाउंडेशन की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.

फाउंडेशन का कहना है जबलपुर की पहचान तालाबों और पहाड़ियों से है. लंबे समय से शहर की पहाड़ियों पर अवैध कब्जेदार जमे हुए हैं जिन्हें हटाने के लिए पहले भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. बावजूद इसके सरकार ने हाल ही में अवैध कब्जाधारियों को स्थायी भू-स्वामी अधिकार देने के लिए नया कानून बनाया है. इसके तहत अवैध कब्जाधारियों को स्थायी पट्टा दे दिया जाएगा.

फाउंडेशन की ओर से याचिका दाखिल करने वाले डॉ. पीजी नाजपाण्डे का कहना है इस अध्यादेश कि चलते अवैध कब्जाधारियों को भूस्वामी होने का अधिकार मिल जाएगा, जिससे उन्हें कभी भी नहीं हटाया जा सकेगा. फाउंडेशन की दलील है कि पहाड़ियों पर बढ़ते अवैध कब्जे से पर्यावरण को नुकसान तो होगा.

साथ ही बसाहट के कारण पहाड़ियां धस भी सकती हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस आदेश को जारी करने से पहले पर्यावरण को हो रहे नुकसान के बार में कुछ नहीं सोचा.

लिहाजा सरकार को अपना यह आदेश वापस लेना चाहिए और शहर की पहाड़ियों से अवैध कब्जा हटाना चाहिए ताकि पर्यावरण की रक्षा हो सके.