वॉशिंगटनः अमरीका और पाकिस्तान के बीच  लगातार खराब होते संबंधों कारण दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। इसी के चलते जहां पाकिस्तान ने संकेत दिए हैं कि वह अमरीका के साथ संबंधों को खत्म करने की दिशा में  आगे बढ़ सकता है वहीं, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी पाक के खिलाफ सख्त फैसले के मूड में नजर आ रहे हैं। पाक के  नापाक हरकतों से बाज न आने कारण अमरीका पाकिस्तान को टेररिस्ट स्टेट घोषित करने का फैसला लेने का मन बना रहा है।

उधर, ट्रंप की ओर से आतंकवादी समूहों को संरक्षण देने का आरोप लगाए जाने से भड़का पाकिस्तान अमरीका के खिलाफ राजनयिक नीति को लेकर तीन विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें से एक विकल्प अफगानिस्तान में अमरीका और नाटो सेनाओं को पाकिस्तान के जरिए पहुंच पर रोक लगाने का भी है।पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार पाक जिन तीन विकल्पों पर विचार कर रहा है, वह हैं- अमरीका के साथ कूटनीतिक संबंधों को सीमित करना, आतंकवाद के खिलाफ आपसी सहयोग को कम करना और अफगानिस्तान में अमरीकी रणनीति में उसका साथ न देना।

यही नहीं पाकिस्तान ने यह भी चेतावनी दी है कि वह अमरीका से अब F-16 लड़ाकू विमानों की खरीद नहीं करेगा और भविष्य में चीन की ओर इसके लिए रुख कर सकता है। पाकिस्तान  की इन्हीं हरकतों की वजह से पाक से गैर-नाटो सहयोगी का दर्जा छीनने के साथ ही अमरीका उसको मिलने वाली सभी तरह की मदद को खत्म करना चाहता है। इसके अलावा आईएसआई के संदिग्ध अधिकारियों पर ट्रैवल बैन भी लगाया जा सकता है। अंत में अमरीका पाकिस्तान को आंतकवादी देश भी घोषित करने पर विचार कर सकता है। पाकिस्तान को गैर-नाटो सहयोगी के दर्जे से बाहर करने और आतंकी देश घोषित करने से हथियारों तक उसकी पहुंच और विश्व बैंक एवं आईएमएफ जैसी संस्थाओं से लोन लेने में उसे मुश्किल होगी।