मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं. मूसलाधार बारिश के बाद कुरला सहित कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिस कारण ट्रैफिक जाम की भी खबरें हैं.

वहीं मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन पर भी इस बारिश का असर पड़ा है. कई रूट पर ट्रेनें बेहद धीमी चल रही हैं, तो वहीं वेस्टर्न लाइन पर वसई के आगे नहीं जा रही.

मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई के कई हिस्सों आगे भी बारिश के जारी रहने की आशंका जताई है. इसे देखते हुए शहर के सभी स्कूल और कॉलेज को एहतियातन एक दिन के लिए बंद करने का ऐलान किया गया है. महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने यह ऐलान किया.

मुंबई में खराब मौसम के चलते शाम को एयरपोर्ट के आसपास दृश्यता घटकर 250 मीटर तक ही रह गई. इस कारण आधे घंटे के लिए विमान सेवाएं रोक दी गईं और कई फ्लाइट्स को दूसरे नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया. हालांकि फिर मुंबई एयरपोर्ट पर स्पाइस जेट का एक विमान लैडिंग के वक्त रनवे से फिसल गया, जिसके बाद एक बार फिर एयरपोर्ट पर परिचालन रोक दिया गया.

मौसम विभाग ने मुंबई और तटीय कोंकण इलाके में भारी बारिश की आशंका जताई है. मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को अलर्ट जारी करते हुए बताया कि दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा के कम दबाव के कारण भारी बारिश की संभावना बन रही है. ऐसे में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान मुंबई समेत कोकण इलाके में बहुत तेज बारिश हो सकती है.

मुंबई के बाहरी इलाके पालघर के एसपी मंजुनाथ सिंघे ने आगे भी भारी बारिश की आशंका देखते हुए नागरिकों के लिए अलर्ट जारी की है. उन्होंने कहा है, "भारी बारिश के चलते पालघर के अधिकांश इलाकों में जाना और सड़कों पर निकलना दुर्गम हो सकता है. हम मदद की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं. लोगों से निवेदन है कि वे जलमग्न सड़कों पर निकलने से बचें. जब तक संभव हो सके घर पर ही बने रहें."

अलर्ट के साथ एसपी सिंघे ने कई हेल्पलाइन नंबर्स भी जारी किए हैं और परेशानी की स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन के कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी है.

ये हैं हेल्पलाइन नंबर्स

कंट्रोल रूम - 100/02525297023/02525297004

मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर - 09730711119/09730811119

वसई बीट मार्शल हेल्पलाइन - 09112029074

बता दें कि पिछले महीने 29 अगस्त को मुंबई में महज 24 घंटे के अंदर 331 मिलीमीटर की जोरदार बारिश हुई थी. इस कारण सड़कें और रेललाइनें घंटों पानी में डूबी रहीं और लोग भी दफ्तरों और रेलवे स्टेशनों पर फंसे रहे थे. हालांकि प्रशासन का दावा है कि वह पूरी तरह सर्तक है और सारी तैयारियां कर ली गई हैं.