लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा किए गए एक नए फैसले का हवाला देते हुए राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि राज्य के आबकारी कानून में संशोधन करने का फैसला किया गया है। इसके जरिए अवैध शराब पीने से मौत होने पर उत्तर प्रदेश में इस तरह की शराब के निर्माण में शामिल लोगों को मौत की सजा हो सकती है।

राज्य के एक वरिष्ठ काबीना मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अवैध रूप से बनाई गई शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्ती बरतने के प्रयास के तहत ऐसे लोगों को मौत की सजा देने के प्रावधान को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने बताया कि अवैध रूप से शराब बनाने और बेचने के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में इस कानून में आजीवन कारावास और मौत की सजा के प्रावधानों को जोड़ने को मंजूरी दे दी गई।

उन्होंने बताया कि आबकारी कानून 1910 के मौजूदा विभिन्न प्रावधानों को और मजबूत किया गया है। साथ ही मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से उनमें कुछ नई चीजें जोड़ी गई है। मंत्री ने बताया कि अवैध रूप से बनाई गई शराब पीने से हुई मौतों के मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐसे मामलों में मौत की सजा का प्रावधान किया गया है।