कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में छात्रों से मुलाकात की. इस संवाद के दौरान राहुल ने पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' कंसेप्ट की तारीफ की. एक स्टूडेंट के सवाल पर उन्होंने कहा कि, "मेक इन इंडिया एक ऐसा आयडिया है जिसे मैं उम्मीद करता हूं कि वो कांग्रेस के पास भी होता. मुझे मोदी का मेक इन इंडिया कंसेप्ट पसंद आया, लेकिन इसके लागू होने में कई खामियां है. जिसमें बदलाव की जरुरत है. इस पॉलिसी के तहत उन छोटे उद्योगों को फायदा नहीं मिल रहा है, जिन्हें मिलना चाहिए. केवल बड़े बिजनेस पर फोकस किया जा रहा है."

रोजगार देने के बात पर राहुल ने आगे कहा कि, "मोदी सरकार रोजगार पैदा करने में फेल हो रही है. जितनी नौकरियां पैदा होनी चाहिए थी, नहीं हुई हैं. नौकरी सबसे बड़ी चुनौतियों में है. हर दिन बाजार में 30,000 बेरोजगार युवक आ रहे हैं. लेकिन नौकरियां सिर्फ 400 पैदा हो पा रही हैं."

राहुल यही नहीं रुके, उन्होंने भारत में बेरोजगारी खत्म ना कर पाने पर भाजपा के साथ कांग्रेस को भी कोसा. उन्होंने कहा कि, "कांग्रेस बेरोजगारी खत्म नहीं कर पाई थी और अब मोदी सरकार भी इसमें फेल हो रही है. हमें पहले बेरोजगारी को एक समस्या मानना होगा और एकमत रखकर काम करना पड़ेगा. फिलहाल इसे दोनों राजनीतिक पार्टियां एक्सेप्ट नहीं कर पाई है."

देश के राजनीतिक माहौल पर राहुल ने कहा, "राजनीतिक प्रणाली का केंद्रीयकरण आज की तारीख में भारत की केंद्रीय समस्या है. कानून निर्माण की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाए जाने की जरूरत है. इसे मैं पार्टी के अंदर लागू करने की कोशिश भी करता रहता हूं. लेकिन सभी को यह पसंद नहीं आता, क्योंकि यह शांति भंग करने वाला है."