गांव का जिक्र आते ही आप के दिमाग में कच्चे घर, टूटी सड़कें, बिजली-पानी के बिना जीते लोग आएंगे. पर अगर हम आप से कहें कि एक गांव ऐसा भी है, जहां के हर निवासी के पास आलीशान घर, चमचमाती गाड़ियां और अकाउंट में 1.5 करोड़ से भी ज्यादा रुपये हैं तो आप यकीन नहीं करेंगे.

ये कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है. ऐसा एक गांव है, जहां के लोगों की लाइफस्टाइल देखकर मेट्रो शहर के लोगों की भी आंखें फटी रह जाएंगी. ये गांव चीन में है और इसकी कहानी बेहद दिलचस्प है.

चीन के जियांगसू प्रॉविन्स के वाक्शी गांव को दुनिया का सबसे अमीर गांव कहा जाता है. ये गांव चीन के ‘सुपर विलेज' के नाम से दुनिया भर में मशहूर है. चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई से लगभग 135 किमी दूर बसे इस गांव में दर्जनों मल्टीनेशनल कंपनियां हैं और बड़े पैमाने पर खेती भी होती है.

ऐसा नहीं है कि ये गांव हमेशा से अमीर था, एक वक्त था जब यहां के लोग बेहद गरीब हुआ करते थे. गांव को कामयाबी के शिखर पर पहुंचाने का श्रेय कम्युनिस्ट पार्टी के लोकल सेक्रेटरी वू रेनाबो को जाता है. रेनाबो ने ही गांव के विकास का खाका तैयार किया, उन्होंने कंपनी का गठन कर सामूहिक खेती को बढ़ावा दिया.

आज इस गांव को करोड़ों डॉलर की कंपनियों का गढ़ माना जाता है, जिनमें स्टील और शिपिंग प्रमुख कंपनियां हैं. बताया जाता है कि गांव में ज्यादातर घर एक जैसे हैं और सभी में कई कमरे हैं, देखने में ये घर किसी होटल से कम नहीं लगते. साल 2011 में गांव के लोगों ने इसकी 50वीं वर्षगांठ एक 328 मीटर लंबी गगनचुंबी इमारत बनाकर मनाई.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गांव में जुए और ड्रग्स पर पाबंदी है और यहां कोई प्रेस से बात नहीं करता. कुछ लोगों का तो ये भी कहना है कि यहां के लोगों का पैसा उनका अपना नहीं, बल्कि गांव का है. कोई भी व्यक्ति इन पैसों को बाहर नहीं ले जा सकता.