पटनाः बिहार कांग्रेस में असंतोष का माहौल है और पार्टी में टूट लगभग तय होती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के 27 विधायकों में से अधिकतर पार्टी छोड़कर जेडीयू में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। गुरुवार को कांग्रेस का सियासी संकट उस वक्त और गहरा गया जब जेडीयू ने बागी कांग्रेसी विधायकों को पार्टी छोड़कर जेडीयू में शामिल होने का न्योता दे दिया।

बागी कांग्रेसी नेताओं को जेडीयू में शामिल होने का न्योता देते हुए जेडीयू प्रवक्ता संजय कुमार सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी ऐसे बागी कांग्रेसियों को अपने पार्टी में शामिल कराने के लिए बिल्कुल तैयार है।

गौरतलब है कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू की नई सरकार बनने के बाद से ही प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। पिछले दिनों विधायकों के असंतोष दूर करने के लिए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी विधायकों से मुलाकात भी की थी। बावजूद इसके संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है।

कांग्रेसी विधायकों में सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात से है कि बिहार में उनकी पार्टी का गठबंधन आरजेडी के साथ है जो पिछले कई सालों से कांग्रेस के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।

कांग्रेस विधायक अजीत कुमार शर्मा और पार्षद दिलीप कुमार चौधरी ने साफ तौर पर राहुल गांधी से कहा था कि बिहार में लालू प्रसाद की पार्टी के साथ गठबंधन तोड़े बिना 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस को मजबूत नहीं किया जा सकता।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस के नाराज नेताओं का कहना था कि जिस वक्त बिहार में पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अस्थिरता थी। उस वक्त भी केंद्रीय कांग्रेस के किसी नेता ने पटना आकर महागठबंधन को बचाने की कोशिश नहीं की।