मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शुक्रवार को में स्वाइन फ्लू के कई नए मरीज सामने आए हैं. इसके बाद राजधानी में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल मामलों की संख्या 78 हो चुकी है, जबकि 19 लोगों की इससे मौत हो चुकी है.

राज्य के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी बड़ी संख्या में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आए हैं. अब तक राज्य में साढ़े चार हजार से ज्यादा लोगों के इस बीमारी से पीड़ित होने की पुष्टि हुई हैं, जिनमें से 70 से ज्यादा मरीजों की मौत हो गई.

क्या है एच1एन1?
यह एक प्रकार का फ्लू वायरस है. यह पहली बार 2009 में पाया गया था और इसका नाम स्वाइन फ्लू वायरस हो गया क्योंकि यह सूअरों में पाए जाने वाले वायरस से मेल खाता था. ताजा परिस्थिति में यह एक प्रकार का मौसमी फ्लू वायरस है जो कि इंसानों में पाया जाता है.

किस मौसम में फैलता है ज्यादा ?
स्वाइन फ्लू वायरस ज्यादा ठंडे और नमी वाले वातावरण में तेजी से फैलता है. कम समय में तापमान में बदलाव होना जैसे सर्दी और गरमी या वातावरण में नमी की मौजूदगी इस तरह के संक्रमण को बढ़ावा देता है. नमी के कारण यह वायरस ज्यादा समय तक वातावरण में रह जाता है. जिससे ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है.

कैसे करें बचाव ?
- हमेशा हाथों को साबुन और डेटॉल वाले पानी से धोएं.
- खांसते वक्त मुंह और नाक को रुमाल या कपड़े से ढंकें.
- खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद आंख, नाक और मुंह पर हाथ कतई न लगाएं. शरीर के ये हिस्से सबसे जल्दी फ्लू की चपेट में आते हैं.
- फ्लू प्रभावित व्यक्ति से एक हाथ की दूरी बनाकर रखें.
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें. इन जगहों से लौटने के बाद पहले हाथ और फिर मुंह धोएं.
- घर में उन जगहों की खास सफाई रखें, जिसका इस्तेमाल सब लोग करते हैं. मसलन, दरवाजे का हैंडल, स्विच. कंप्यूटर की बोर्ड, रसोई गैस.
- मेज़, रसोई, बाथरूम और घर के कोनों को साफ रखें. इन जगहों पर बैक्टरिया आसानी से पनपते हैं. सफाई के लिए पानी के साथ कीटनाशकों का इस्तेमाल करें.
- रुमाल और इनहेलर जैसी चीजे़ बेहद साफ सुथरी रखें.
- पर्याप्त पानी, पौष्टिक आहार और नींद लें.
- खुली जगहों पर ना थूकें.