नवरात्रि के तीसरे दिन मां चन्द्रघंटा की पूजा की जाती है. मां दुर्गा के इस अवतार के माथे पर आधा चंद्रमा बना होता है. मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजें जैसे खीर का भोग लगाया जाता है और इसी का दान भी किया जाता है. ऐसा करने से मां खुश होती हैं और सभी दुखों का नाश करती हैं.

नवरात्र के तीसरे दिन मां चन्द्रघंटा को दूध से बनी चीजें जैसे चावल की खीर, मखाने की खीर , रबड़ी , दूध के पेड़े आदि का भोग लगाएं. मां को सफेद चीजों का भोग लगाया जाता है तो कोशिश करें कि तीसरे दिन की व्रत की थाली में सफेद चीजों से बने पकवान का प्रसाद चढ़े.

आप तीसरे दिन के व्रत की थाली में अलग-अलग तरह के पकवानों का आनंद ले सकते हैं. इसमें कुट्टू की पूरी, सूजी का हलवा, सूखी आलू की सब्जी आदि का भोग लगा सकते हैं. इसके अलावा क्योंकि मां चन्द्रघंटा को सफेद चीजों का प्रसाद चढ़ाया जाता है इसलिए सफेद में, साबूदाने की खीर , सेब रायता, दही, चावल की खीर, श्रीखंड और दूध से बनी मिठाई भी प्रसाद में दिया जा सकता है.

आप इस दिन चावल, चीनी या दूध का दान दे सकते हैं. इससे हर तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है.