रविवार दि॰ 24.09.17 आश्विन शुक्ल चतुर्थी अर्थात शारदीय नवरात्र के चौथे दिन सूर्य ग्रह प्रधान देवी कूष्माण्डा का पूजन किया जाता है। देवी कूष्माण्डा पुरुष के वीर्य व स्त्री के अंडाणु के मिलन अर्थात युग्मनज अर्थात गर्भावस्था पर अधिपत्य रखती हैं। सुवर्ण से सुशोभित सिंह वासनी देवी कूष्माण्डा का स्वरूप चमकते सूर्य जैसे है। ब्रह्मांड के कण-कण में इन्हीं का तेज समाया है।

कालपुरूष व वास्तुपुरुष सिद्धांत के अनुसार पूर्व दिशा सूर्य अधिष्ठात्री देवी कूष्माण्डा कुंडली के लग्न पंचम व नवम भाव पर अपनी सत्ता से व्यक्ति की सेहत, व्यक्तित्व, रूप, विद्या, उद्दर, भाग्य, गर्भाशय, अंडकोष व प्रजनन तंत्र पर अपना स्वामित्व रखती है। इनकी पूजा सूर्यमुखी के फूल, रक्त चंदन से की जाती है तथा इन्हें सूजी के हलवे का भोग लगाया जाता है। इनकी साधना से ही नेता चुनाव में जीत हासिल करते हैं तथा इन्हीं की कृपा से स्टूडैंट्स सिविल सर्विसेज के एक्साम्स में सिलेक्ट होकर आई.ए.एस व आई.पी.एस बनते हैं।


विशेष पूजन: देवी कूष्माण्डा का विधिवत पूजन करें। औषधि युक्त लाल तेल का दीपक करें, तगर से धूप करें, रोली चढ़ाएं, सूर्यमुखी का फूल चढ़ाएं, सूजी के हलवे का भोग लगाएं तथा 1 माला विशेष मंत्र जपें। पूजन उपरांत हलवा किसी कन्या को खिलाएं।


पूजन मुहूर्त: दिन 11:48 से दिन 12:36 तक। (अभजीत में)


विशेष मंत्र: ॐ ऐन्द्रायै नमः॥


कल के शुशाशुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
: दिन 11:48 से दिन 12:36 तक।


गुलिक काल: शाम 15:12 से शाम 16:41 तक।


यमगंड काल: दिन 12:12 से दिन 13:42 तक।


अमृत काल: शाम 18:50 से रात 20:35 तक।


राहु काल: शाम 16:41 से शाम 18:11 तक।


यात्रा मुहूर्त: दिशाशूल - पश्चिम। राहुकाल वास - उत्तर। अतः पश्चिम व उत्तर दिशा की यात्रा टालें।


वर्जित मुहूर्त: प्रातः सूर्योदय से दिन 12:39 तक भद्रा रहेगी जिसमें शुभ कार्य वर्जित हैं। 


कल का गुडलक ज्ञान


गुडलक कलर: लाल।


गुडलक दिशा: पूर्व।


गुडलक टाइम: शाम 18:14 से शाम 19:14 तक।


गुडलक मंत्र: ॐ महाबीजाय नमः॥


गुडलक टिप: प्रतियोगी परीक्षा में चयन हेतु देवी कूष्माण्डा पर लाल गुड़हल का फूल चढ़ाएं।


एनिवर्सरी गुडलक: निसंतान दंपत्ति किसी विप्र दंपत्ति को कूष्माण्ड दान करें।


बर्थडे गुडलक: घी में आलता मिलाकर देवी कूष्माण्डा के निमित दीप करें।