गुरुवार दि॰ 28.09.17 आश्विन शुक्ल अष्टमी अर्थात शारदीय नवरात्रि के आठवें दिन राहु गृह प्रधान देवी महागौरी का पूजन किया जाएगा। महागौरी व्यक्ति के अंत समय को संबोधित करती हैंं। अमोघ फलदायिनी महागौरी के तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाशमय है। अत्यंत गौर वर्णी चतुर्भुजी देवी ने त्रिशूल व डमरू धारण किया हुआ है। कालपुरूष व वास्तुपुरुष सिद्धांत के अनुसार नैऋत्य दिशा की अधिष्ठात्री देवी व्यक्ति की कुंडली के छठे व आठवें भाव पर अपनी सत्ता से व्यक्ति के गृहस्थी, आयु, शत्रुनाश, दांपत्य, विवाह बाधा, व रोग नाश पर अपना स्वामित्व रखती हैं। इनकी पूजा रात्रि में सोंठ, उड़द, मोर पंख से करनी चाहिए। इनकी साधना से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। अकस्मात धन की प्राप्ति होती है। शेयर मार्केट और दलाली जैसे कामों में सक्सैस मिलती है।

विशेष पूजन: रात्र में देवी महागौरी का विधिवत पूजन करें। सरसों के तेल का दीपक करें, सुगंधित धूप करें, अष्टगंध चढ़ाएं, सौंठ, उड़द, मोर पंख चढ़ाएं सूजी के हलवे का भोग लगाएं तथा 1 माला विशेष मंत्र जपें। पूजन उपरांत भोग किसी कन्या को खिलाएं।

पूजन मुहूर्त: रात 19:08 से रात 20:37 तक। (रात्रि) 

विशेष मंत्र: ॐ गौर्यै नमः॥

कल के शुशाशुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
: दिन 11:45 से दिन 12:32 तक।

गुलिक काल: प्रातः 09:14 से प्रातः 10:41 तक।

यमगंड काल: प्रातः 06:19 से प्रातः 07:47 तक।

अमृत काल: शाम 16:12 से शाम 17:45 तक।

राहु काल: दिन 13:36 से शाम 15:03 तक। 

यात्रा मुहूर्त: दिशाशूल - दक्षिण, राहुकाल वास दक्षिण, अतः दक्षिण दिशा की यात्रा टालें।

कल का गुडलक ज्ञान
गुडलक कलर: क्रीम।

गुडलक दिशा: ईशान।

गुडलक मंत्र: ॐ भद्रायै नमः॥

गुडलक टाइम: शाम 15:06 से शाम 16:06 तक।

गुडलक टिप: शेयर मार्केट में सफलता के लिए महागौरी पर चढ़ा मोरपंख ऑफिस में स्थापित करें।

एनिवर्सरी गुडलक: पारिवारिक कष्ट मुक्ति हेतु देवी महागौरी पर चढ़ी सौंठ ज़मीन में गाड़ दें।

बर्थडे गुडलक: अच्छे स्वास्थ्य हेतु देवी महागौरी पर काले चने चढ़ाकर सेवन करें।