उत्तर प्रदेश में साक्षर भारत योजना के तहत तैनात करीब एक लाख शिक्षा प्रेरक 1 अक्टूबर से बेरोजगार हो जाएंगे. दरअसल केंद्र सरकार ने सूबे में भारत साक्षर मिशन को 30 सितम्बर के बाद संचालित करने की अनुमति नहीं दी है.

बता दें साक्षर भारत योजना के तहत प्रदेश की 49, 921 ग्राम पंचायतों में एक महिला और एक पुरुष प्रेरक नियुक्त किया गया है. मौजूदा समय में कुल 99, 842 प्रेरक कार्यरत हैं, जिन्हें दो हजार रुपये महीने मानदेय मिलता है.

ये प्रेरक 15 साल या इससे ऊपर के लोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं.

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव एवं निदेशक अवध नरेश शर्मा ने बताया कि योजना को 30 सितम्बर तक के लिए ही स्वीकृति मिली है. इसे आगे जारी रखने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था. लेकिन केंद्र सरकार ने 30 सितम्बर के बाद योजना को संचालित करने की अनुमति नहीं दी है.

उन्होंने बताया कि सभी जिला लोक सेवा समितियों के सचिव को योजना के लिए संविदा पर नियुक्त जिला समन्वयक, ब्लाक समन्वयक और प्रेरकों की संविदा अवधि को 30 सितम्बर के बाद आगे नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.