मध्य प्रदेश  के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने दो फरार शराब ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है. एक ठेकेदार के पास से 46 लाख 50 हजार रुपए समेत 55 लाख कीमत की कार जब्त की गयी हैं. दोनों शराब कारोबारियों से पूछताछ में कई प्रशासनिक अधिकारियों की घोटाले मे मिलीभगत के खुलासे की उम्मीद की जा रही हैं.

दरअसल, इंदौर में 14 शराब ठेकेदारों ने फर्जी चालान के जरिए 42 करोड़ रुपए की हेरफेरी करके सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया था. इसी मामले में पुलिस को इन दो शराब कारोबारियों की तलाश थी.

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी करके फरार शराब ठेकेदार योगेंद्र जायसवाल को बारोली टोल नाके के पास के गिरफ्तार किया है. पूछताछ औऱ गाड़ी की छानबीन मे आरोपी के पास से 46 लाख 50 हजार रुपए जब्त हुए हैं.

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपनी ऑडी कार से एक शहर से दूसरे शहर जाकर फरारी काट रहा था.

पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फरार एक अन्य शराब ठेकेदार अविनाश मंडलोई को दबिश देकर विंध्या नगर स्थित घर के पकड़ लिया है.

दरअसल, शराब ठेकेदारों ने एजेंट राजू दसवंत के जरिए फर्जी चालान बनवाकर 42 करोड़ रुपए की एक्साईज ड्यूटी की चोरी की थी. योगेंद्र जायसवाल ने ही अपनी एक दुकान का फर्जी चालान बनाकर 1 करोड़ 5 लाख रुपए की राजस्व हानि पहुंचाई हैं.

पूछताछ में पता चला है कि करीब एक दर्जन शराब दुकानों के फर्जी चालान बनाकर राजस्व को नुकसान पहुंचाया है. पुलिस की माने तो योगेद्र जायसवाल ने एफआईआऱ दर्ज होने के बाद आस पास के जिलों समेत कई राज्यों में फरारी काटी है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ करके फरार अन्य शराब ठेकेदारों की तलाश करेगी.