शुक्रवार दि॰ 29.09.17 आश्विन शुक्ल नवमी अर्थात शारदीय नवरात्रि के नवें दिन केतु ग्रह प्रधान देवी सिद्धिदात्री का पूजन होगा। सिद्धिदात्री व्यक्ति की देह त्याग कर चुकी आत्मा को संबोधित करती हैं। अतः यह संपूर्ण जगत को रिद्धि-सिद्धि प्रदान करती हैं। कमल आसीन रक्त वर्ण वस्त्र धारिणी देवी सिद्धिदात्री सिंह पर सवार हैं। स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित परम सौम्य चतुर्भुजी देवी ने चक्र, गदा शंख, कमल धारण किए हुए हैं। काल पुरूष व वास्तु पुरुष सिद्धांत के अनुसार आकाश दिशा की अधिष्ठात्री देवी सिद्धिदात्री व्यक्ति की कुंडली के द्वादश और द्वितीय भाव पर अपनी सत्ता से व्यक्ति की रिद्धी, सिद्धि, सौभाग्य, हानि, व्यय, सिद्धि, धन, सुख व मोक्ष पर अपना स्वामित्व रखती हैं। इनकी पूजा प्रदोष काल में नवधान, नौ केले व नौ रंग-बिरंगे फूलों से करनी चाहिए। इनकी साधना से अष्ट सिद्धियां व नव सिद्धियां प्राप्त होती हैं। तांत्रिक सिद्धियों की भी प्राप्ति होती है। इनकी कृपा से आकर्षण और वशीकरण के कार्य सिद्ध होते हैं। 

 

विशेष पूजन: देवी सिद्धिदात्री का विधिवत पूजन करें। सुगंधित तेल का दीप करें, मौगरे की अगरबत्ती करें, भभूत चढ़ाएं, नौ प्रकार के फूल-पत्ते चढ़ाएं, नवधान की खिचड़ी का भोग लगाएं तथा 1 माला विशेष मंत्र जपें। पूजन उपरांत खिचड़ी गाय को खिलाएं।


पूजन मुहूर्त: शाम 18:00 से शाम 19:00 तक। (प्रदोष) 


विशेष मंत्र: ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः॥


कल के शुशाशुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त:
दिन 11:47 से दिन 12:34 तक।


गुलिक काल: प्रातः 07:43 से प्रातः 09:13 तक।


यमगंड काल: शाम 15:13 से शाम 16:43 तक।


अमृत काल: प्रातः 10:26 से दिन 12:13 तक।


राहु काल: प्रातः 10:42 से दिन 12:11 तक।


यात्रा महूर्त: दिशाशूल- पश्चिम। राहुकाल वास - आग्नेय, अतः आग्नेय व पश्चिम दिशा की यात्रा टालें।


कल का गुडलक ज्ञान
गुडलक कलर:
पिंक।


गुडलक दिशा: उत्तर।


गुडलक टाइम: शाम 16:45 से शाम 17:45 तक।


गुडलक मंत्र: ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः॥


गुडलक टिप: देवी सिद्धिदात्री पर चढ़ी नवधान सफेद कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें।


एनिवर्सरी गुडलक: दंपत्ति किसी ब्राह्मण सुहागन को नौ प्रकार के फल दान करें।

 

बर्ड डे गुडलक: नौ अलग-अलग पेड़ों के पत्ते देवी सिद्धिदात्री पर चढ़ाएं।