मुहर्रम पर कानून व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. कई जगह बड़ी चुनौती सामने आई, जिसके बाद डीजीपी मुख्यालय से सहायता लेनी पड़ गई.

सबसे ज्यादा बवाल कानपुर में हुआ. यहां फायरिंग, पथराव, आगजनी हुई. इसके अलावा बलिया, पीलीभीत, गोंडा, अम्बेडकरनगर, संभल, इलाहाबाद, कौशांबी और कुशीनगर में भी बवाल हुआ.

कानपुर में जूही थाना क्षेत्र के परमपुरवा और रावतपुर गांव में मुहर्रम का जुलूस ले जाने को लेकर बवाल हो गया. उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ की. इस दौरान पुलिस के वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए. यही नहीं कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. जूही में एसपी साउथ व कई पुलिसकर्मियों समेत दोनों स्थानों पर करीब एक दर्जन लोग घायल हुए.

कल्याणपुर इलाके के रावतपुर में धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने को लेकर बवाल मचा और जमकर पत्थरबाजी हुई. जिसके बाद पुलिस को मामला शांत कराने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.

एडीजी (कानून-व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि यह बवाल निर्धारित रूट से आगे बढ़ने के चलते हुआ. मोहर्रम का जुलूस झंडा चौराहे से मुड़ने के बजाय आगे बढ़ा था. आगे मूर्ति विसर्जन के कार्यक्रम के चलते पथराव हुआ. पुलिस ने हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग की.

उन्होंने कहा कि पथराव और आगजनी दोनों ओर से हुई. घटना में 5 बाइक और दो गाड़ियों में आग लगाई गई. एडीजी ने कहा कि उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. हालात काबू में लेकिन तनाव बरकरार है. मौके पर 2 कंपनी पैरा मिलट्री फोर्स भेजी गई हैं. पूरे इलाके में पुलिस की गश्त जारी है.

इसके अलावा बलिया के सिकंदरपुर में रविवार की शाम ताजिया जुलूस को लेकर हुए बवाल के बाद जमकर आगजनी हुई. हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने चार राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई. उपद्रवियों ने बाइक, साइकिल समेत डेढ़ दर्जन दुकानों में आग लगा दी. इस दौरान चाकूबाजी में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा में प्रस्तावित रूट से ताजिया जुलूस आगे बढ़ाने पर बवाल हो गया. पथराव में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए.

पीलीभीत में इस साल ताजियों की संख्या बढ़ाने और अलग रूट से जुलूस निकालने का आरोप लगाते हुए दूसरे पक्ष के लोग विरोध में उतर आए. उन्होंने ताजिया जुलूस को रास्ते में ही रोक दिया. इस बात को लेकर गांव बिसेन में विवाद हो गया. मारपीट और पत्थरबाजी में 12 लोग चोटिल हो गए.

गोंडा के मसकनवां में जुलूस के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए.

अम्बेडकरनगर के न्योरी बाजार में जुलूस और मूर्ति विसर्जन एक ही रास्ते से निकलते समय दो संप्रदायों में जमकर बवाल हुआ.

सम्भल में ताजिया और मेहंदी के जुलूस को लेकर रविवार को सम्भल में बवाल हो गया. करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए. सिसौटा में मेहंदी का जुलूस निकाल रहे लोगों पर पथराव किया गया, जबकि परियावली में बिना ताजिया खोले जुलूस निकालने का दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध कर दिया. इस पर गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया. बाद में पुलिस ने लाठियां चटकाकर लोगों को खदेड़ा.

इलाहाबाद और कौशांबी जिले में मुहर्रम और दशहरे पर दो स्थानों पर हुई मारपीट में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए.

कुशीनगर के खड्डा थाने के भुजौली बाजार में रविवार को मुहर्रम जुलूस के दौरान ताजिएदारों व पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिसमें एसओ विनय पाठक चोटिल हो गए.