उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट मीटिंग मंगलवार शाम को लखनऊ के लोकभवन में हुई. इस दौरान कई अहम प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी. इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के साथ ही उत्तर प्रदेश मिट्टी का तेल नियंत्रण अधिनियम के नियमावली में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी शामिल है.

प्रदेश के सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश मिट्टी का तेल नियंत्रण अधिनियम के नियमावली में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. 1994 में नियमावली बनाई थी पर इसे कानूनी रूप नही दिया गया था.

वहीं बच्चो को जूता मोजा और स्वेटर देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा योजना विभाग की तरफ से प्रस्ताव पेश किया गया था कि सभी सब्सिडी योजनाओं को आधार कार्ड से लिंक किया जाए. इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है.

उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सुचारू करने, पीडीएस की स्कीम को आधार से कनेक्ट कर रहे हैं. अब डीबीटी के माध्यम से पैसा मिल सकेगा. संविदा पर रखे कर्मियों को भी डीबीटी के माध्यम से पेमेंट की जाएगी.

उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग के प्रस्ताव मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. एक कमेटी होगी, जो लाभार्थियों को तय करेगी. इसमें विधवा और तलाक़शुदा भी शामिल होंगे.

सामूहिक विवाह में कम से कम 10 जोड़े होने चाहिए. सरकार की ओर से विवाहित जोड़ों को मोबाइल समेत कई चीजें दी जाएंगीं. एक जोड़े पर कुल खर्च 35 हजार रुपए तक किया जाएगा. इस योजना में एनजीओ भी सहयोग दे सकेंगे. इसमें 20 हजार रुपए सीधे डीबीटी के माध्यम से जोड़ों को दिए जाएंगे.