आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हम देशवासी एक ही भारत मां की संतान हैं ऐसे में हमे आपसी द्वेष, वैराग्य और वैमनस्य की भावना से उपर उठ कर काम करना चाहिये और एक साथ रहना चाहिये.

वो बुधवार को आरा में विश्व धर्म सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. अपने आधे घंटे के संबोधन में सर संघचालक ने कहा कि हमे अपने समाज और देश के संकट को भी देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि चाहे कैसी भी परिस्थिती रहे हमें अपने पूर्वजों के बताये रास्ते पर ही चलना होता है क्योंकि उसी से हम सभी का कल्याण होता है.

उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वजों पर आस्था रखनी चाहिये और उनके उपदेशों का अनुपालन करना चाहिये. मोहन भागवत ने कहा कि भगवान भी भक्तों को बिन बताये उनके छोटे-छोट काम खुद कर देते हैं यही कारण है कि भगवान अभाव और प्रभाव दोनों स्थितियों में भी हमेशा सबसे उपर होते हैं.

उन्होंने कहा कि छुआछूत से उपर उठ कर आज हमे स्वच्छ भारत बनाने और सबका विकास करने की जरूरत है. अगर हम अंदर के नारायण का ध्यान और बाहर के नारायण की सेवा करेंगे. उन्होंने मंच से आयोजकों को भी भव्य आयोजन के लिये बधाई और शुभकामनाएं दीं. मोहन भागवत को सुनने के लिये सुबह से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर मौजूद थे.