समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन ताजनगरी आगरा में गुरुवार से शुरू हो रहा है. इस अधिवेशन में पार्टी के संविधान में संशोधन कर राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकाल 5 साल तक के लिए कर दिया जाएगा.

आज होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना तय है. हालांकि मुलायम सिंह यादव के इस अधिवेशन में शामिल होने पर सस्पेंस बरकरार है.

पार्टी प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने बुधवार को बताया कि आज हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भविष्य में पार्टी की रणनीति को लेकर खाका खींचा गया. इसके अलावा यह फैसला लिया गया कि बसपा से कोई भी गठबंधन नहीं होगा. हालांकि कांग्रेस के साथ दोस्ती पक्की है, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव पार्टी अकेले दम पर ही लड़ेगी.

मुलायम सिंह के शामिल होने के सवाल पर नरेश उत्तम ने गोलमाल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंहजी देश के सबसे बड़े समाजवादी नेता हैं. उनका आशीर्वाद पार्टी के साथ हमेशा है.

शिवपाल ने अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर दी बधाई

पार्टी में चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच चली आ रही तनातनी के बीच शिवपाल यादव ने कहा कि उनके पास अखिलेश का फोन आया था. उन्होंने अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई दी और आशीर्वाद दिया. शिवपाल ने कहा कि वे राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नहीं हैं, लिहाजा वे अधिवेशन में शामिल नहीं होंगे.

मुलायम भी जा सकते हैं अखिलेश को आशीर्वाद देने

सूत्रों के मुताबिक मुलायम सिंह यादव ने सुलह का खाका तैयार कर लिया है. सब कुछ ठीक रहा तो राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होने के बाद शिवपाल को राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है. इसके बाद शुक्रवार को मुलायम और शिवपाल दोनों अखिलेश को आशीर्वाद देने के लिए आगरा अधिवेशन में शामिल हो सकते हैं.

मुलायम के आशीर्वाद से खुला सुलह का रास्ता

25 सितम्बर को लखनऊ प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश को अपना आशीर्वाद देकर मुलायम ने 13 महीने से चली आ रही तकरार को खत्म करने का रास्ता निकाल ही लिया. उन्होंने नई पार्टी न बनाने का ऐलान कर समाजवादी पार्टी और अखिलेश को आशीर्वाद दिया. हालांकि उन्होंने अखिलेश से कई मुद्दों पर नाराजगी भी जताई. इसके बाद अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, “समाजवादी पार्टी जिंदाबाद, मुलायम सिंह जिंदाबाद.”