बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में ऑक्सीजन के बदले औद्योगिक गैस की आपूर्ति किए जाने से मरीजों की हुई मौतों के मामले में जांच पूरी हो गई है. सूबे के स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि केन्द्र और राज्य सरकार ने मिलकर मामले की जांच की है.

उन्होंने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार उचित कार्रवाई भी करेगी. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मामले को पूरी गम्भीरता और संवेदनशीलता से लिया है और जो भी लोग इसमें दोषी पाये जायेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

गौरतलब है कि बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में ऑक्सीजन के बदले औद्योगिक गैस की आपूर्ति करने वाली पारेर हाट कम्पनी इलाहाबाद के एक बीजेपी विधायक की है. साथ ही इस मामले में याचिकाकर्ता भुवनेश्वर द्विवेदी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल हुई है. जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश के महानिदेशक चिकित्सा को तीन विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय टीम गठित कर छह हफ्ते में अनियमितताओं की जांच कराकर रिपोर्ट भी मांगी है.

कोर्ट ने बीएचयू प्रशासन से भी हलफनामा मांगा है कि किन परिस्थितियों में कम्पनी को लाइसेन्स दिया गया है. हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होनी है.

बता दें कि बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में जून 2017 में 6 और 7 जून को औद्योगिक ऑक्सीजन की वजह से लगभग पचास मरीजों की मौत हो गई थी. जांच में यह बात सामने आयी थी कि अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली पारेर हाट कम्पनी के पास मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन और वितरण का लाइसेन्स तक नहीं है.

उपआयुक्त औषधि इलाहाबाद के जवाब में भी कम्पनी के पास उत्पादन और वितरण का लाइसेन्स न होने की पुष्टि हुई है. मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद एक बार फिर से इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है.