बॉलीवुड स्टार सलमान खान के खिलाफ अवैध हथियार मामले में सरकार की ओर से दायर अपील पर गुरुवार को जिला एवं सेशन न्यायालय जोधपुर ग्रामीण में सुनवाई 27 नवम्बर तक मुलतवी कर दी गई.

अधिवक्ताओं की ओर से इस मामले से जुड़े कुछ दस्तावेज पेश करने एवं सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र लम्बित होने की वजह से समय मांगा गया. जिस पर पीठासीन अधिकारी रविन्द्र कुमार जोशी ने सुनवाई को 27 नवम्बर तक मुलवती किया है.

पिछली सुनवाई पर सलमान खान व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए थे और बीस हजार के जमानत मुचलके पेश किए थे. सलमान खान को अवैध हथियार के मामले में इसी साल 18 जनवरी को सीजेएम ग्रामीण कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से जिला एवं सेशन न्यायालय में अपील पेश की गई थी. जिला एवं सेशन न्यायाधीश जोधपुर ग्रामीण में 21 अप्रेल व 04 अगस्त को अपील पर सुनवाई थी.

गौरतलब है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जोधपुर जिला) दलपतसिंह राजपुरोहित ने 18 जनवरी 2017 ने सलमान खान की मौजूदगी में फैसला सुनाते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो पाए हैं. ऐसे में उनको दोषमुक्त किया जाता है. इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा फैसले के खिलाफ अपील किए जाने की स्थिति में कोर्ट में हाजिर रहने के लिए पाबंद किया था.

वर्ष 1998 में जोधपुर में अपनी फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर तीन अलग-अलग स्थान पर हरिण का शिकार करने के आरोप लगे. उनकी गिरफ्तारी हुई और उनके कमरे से पुलिस ने 22 सितम्बर 1998 को रिवाल्वर .32 और .22 बोर राइफल बरामद की. इनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी थी.

वन अधिकारी ललित बोड़ा ने लूणी पुलिस थाने में 15 अक्टूबर, 1998 को मुकदमा दर्ज करवाया था कि सलमान खान ने 1-2 अक्टूबर 1998 की मध्यरात्रि में कांकाणी गांव की सरहद पर दो काले हरिणों का शिकार किया, जिसमें उसने रिवॉल्वर व राइफल का इस्तेमाल किया. दोनों हथियारों की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी थी. अवैध हथियारों का इस्तेमाल करते हुए उसने शिकार किया.

इस पर सलमान के खिलाफ ऑर्म्स एक्ट की धारा 3/25 व 27 में मामला दर्ज किया गया. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संदेह का लाभ देते हुए सलमान खान को बरी कर दिया था जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने अपील पेश की थी.