नई दिल्लीः जीएसटी परिषद की आज होने वाली बैठक में छोटे व्यापारियों को तेजी से धन वापसी के साथ अनुपालन के संदर्भ में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों ने कहा कि माल एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी) की पूर्ण बैठक में जीएसटी नेटवर्क के कामकाज में सुधार का भी आकलन किए जाने की संभावना है।

शुक्रवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु निर्यातकों से भी मुलाकात करेंगे। ऐसे में निर्यातकों को छूट का ऐलान हो सकता है। सरकार निर्यात को बढ़ाने के लिए भी कुछ राहत दे सकती है। अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी की पूर्ण बैठक में जीएसटी नेटवर्क के कामकाज में सुधार का भी आकलन किये जाने की संभावना है। परिषद की यह 22वीं बैठक होगी। इससे पहले वित्त मंत्रालय ने निर्यातकों के कई राउंड की वार्ता की है।

साथ ही उनका कहना था कि जीएसटीएन में गड़बड़ी पर गौर करने के लिए बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी की अगुवाई में मंत्रियों का समूह गठित किया गया है। समूह पोर्टल के काम के बारे में परिषद को जानकारी देगा। निर्यातकों से जुड़े मुद्दों पर गौर करने के लिये राजस्व सचिव हसमुख अधिया की अध्यक्षता में गठित समिति अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट आज दे सकती है। 

उसके आधार पर परिषद निर्यातकों को कुछ राहत देने के लिए सिफारिश कर सकती है ताकि ‘रिफंड’ के रूप में फंसी उनकी कार्यशील पूंजी जल्दी जारी हो सके। साथ ही केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) परिषद को यह सूचित करेगा कि वह 10 अक्तूबर से एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) ‘रिफंड’ के लिए तैयार है। 

राजस्व सचिव के साथ पिछले महीने बैठक में निर्यातकों ने कहा था कि उनके जीएसटी ‘रिफंड’ में अनुमानत: 65,000 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।