राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघ चालक मोहन भागवत की अध्यक्षता में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक 12 अक्टूबर से शुरू हो रही है. इस बैठक में रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थियों और कश्मीर सहित देश के अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.

संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक को सालाना ‘दीपावली बैठक’ के तौर पर भी जाना जाता है. इस बैठक में देशभर से संघ के लगभग 300 प्रतिनिधि शामिल होने की उम्मीद है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत अगले 8 दिनों तक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहेंगे. भागवत शनिवार दोपहर शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन से हबीबगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां संघ के मध्य भारत प्रांत के पदाधिकारियों ने अगवानी की.

सर संघचालक मोहन भागवत अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में शामिल होंगे. हालांकि, कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक होगी. लेकिन मोहन भागवत अगले 4 दिनों तक संघ के अखिल भारतीय पदाधिकारियों, क्षेत्र और प्रांत प्रचारकों के अलावा आरएसएस के आनुषांगिक संगठनों के प्रमुखों और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.

बताया जा रहा है कि इन बैठकों में अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के एजेंडे पर भी चर्चा होगी. सर सह संघचालक भैय्याजी जोशी, सुरेश सोनी भी भोपाल आ गए हैं.

उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य भारत प्रांत के कार्यवाह सतीश पिम्पलीकर ने अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की होने वाली बैठक को लेकर कहा कि तीन दिनों तक होने वाली बैठक में अमित शाह और न ही कोई भाजपा नेता शामिल होगा. बैठक में संघ के पिछले छह महीने के कामकाज की समीक्षा होगी और भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा होगी.