टीकाकरण अभियान में पिछड़े प्रदेश के तेरह जिलों में लक्ष्य पाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने इंद्रधनुष अभियान की शुरुआत की है. सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने नवजात शिशुओं को दवा पिलाकर अभियान की शुरुआत की.

इस मौके पर टीकाकरण में पिछड़े जिलों के लिए इंद्रधनुष रथ को सीएम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान में 9 घातक बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण, छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष शिविर लगाकर टीकाकरण किया जाएगा.

क्या है इंद्रधनुष मिशन,
भारत सरकार के इंद्रधनुष मिशन के तहत पांच साल तक के बच्चों को जानलेवा सात बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते है. इन बीमारियों में खसरा, टिटनस, पोलियो, टीबी, गलघोंटू, काली खांसी, हेपेटाईटिस 'बी', विटामिन 'ए' और हिमोफिलिस इंफल्यूऐंजा 'बी' शामिल हैं.

टीकाकरण का तरीका,
पोलियो के अलावा सभी रोग पतिरक्षण टीके इंजेक्शन द्वारा दिए जाते हैं. पोलियो के टीके की दवा और विटामिन 'ए' की खुराक बच्चे को मुंह में पिलाई जाती है.

दरसअल, पांच साल तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण एक किफायती और सुरक्षित तरीका है. इसके लिए भारत सरकार ने साल 2014 में मिशन इंद्रधनुष के नाम से टीकाकरण के एक विशेष अभियान की शुरूआत की थी. मिशन इंद्रधनुष के पहले चरण में देश के 201 जिलों को टारगेट बनाया गया था.

मध्यप्रदेश में पहले चरण में मिशन इंद्रधनुष की शुरूआत विदिशा जिले में साल 2015 में हुई थी. उस दौरान प्रदेश के करीब 15 जिलों को चिन्हित किया गया था.