जापान के माउंट फूजी के पास घने जंगल को मौत का जंगल कहा जाता है. माउंट फूजी के रहने वाले लोग बताते हैं कि ओकिनावा फॉरेस्ट इतना घना है कि लोग इसके भीतर रात तो क्या दिन में भी नहीं जाते हैं.

इस जंगल में जहां-तहां मानव कंकाल नजर आते हैं. यहां घनघोर सन्नाटे में लोगों की आत्महत्या की कई कहानियां प्रचलित हैं. कहा जाता है कि भूतिया शक्ति के कारण यहां आने वाले लोग आत्महत्या कर लेते हैं, उन्हीं की आत्माएं यहां भटकती रहतीं हैं और वे दूसरे लोगों को अपना निशाना बनाती हैं.

लगभग 16 वर्ग मील में फैले इस भयानक, घनघोर, डरावने और भूतिया जंगल में सूरज की एक किरण भी देखने को नहीं मिलती और चारों ओर से अजीब सी आवाज़ें सुनाई देती हैं.

जापान का यह जंगल पूरी दुनिया में सुसाइड फॉरेस्ट या भूतिया जंगल के नाम से बदनाम है. कहा जाता है कि जिसने भी एक बार इस जंगल में कदम रख लिया वो कभी वापस नहीं लौटा.

यहां मरने वालों कि संख्या इतनी बढ़ चुकी है कि जापान की सरकार को जंगल के गेट पर एक सांकेतिक बोर्ड लगाना पड़ा.

बोर्ड पर लिखा है कि जो लोग आत्महत्या करने के इरादे से यहां आए हैं, वो अपनी जान लेने की बजाय किसी से मदद लें और यह कदम ना उठाएं.

जापान सरकार के आंकड़े बताते हैं कि साल 1950 से लेकर अब तक यहां 500 से ज्यादा लोग अपनी जान दे चुके हैं.

सिर्फ साल 2010 में ही 267 लोगों ने यहां आत्महत्या करने की कोशिश की थी, जिसमें से 54 लोगों की मौत हो गई थी.