मामला डायरेक्टर द्वारा अपनी पत्नी के हाथों उद्घाटन करवाने का
रायपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी रायपुर स्थित एम्स अस्पताल के पांच वार्ड ब्वायों को फेसबुक में पोस्ट लाईक करने पर रोजगार से निकालने का मामला आज प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में युवक कांग्रेस के पदाधिकारी संजीव शुक्ला ने उजागर किया।
शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में बताया कि एम्स के डायरेक्टर एम नितिन नागरकर  के खिलाफ एक डॉक्टर द्वारा फेसबुक में पोस्ट किया गया था। जिसमें उनकी पत्नी के हाथों उद्घाटन करवाने का मामला अंग्रेजी में लिखा गया था। वार्ड ब्वॉयों ने उद्घाटन की पोस्ट देखकर उसे लाईक कर दिया चूँकि ये वार्ड ब्वॉय 12वीं पास है वो भी हिन्दी माध्यम से इसीलिए उन्हें कुछ समझ में नहीं आया। जिसके कारण उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में बताया कि फेसबुक पोस्ट पर लाईक करना अपराध नहीं है। बिना किसी ठोस वजह के वार्ड ब्वॉयों को नौकरी से निकालना उनके आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है। संजीव शुक्ला ने कहा है कि यदि फेसबुक पर पोस्ट करने पर किसी को नौकरी से निकाला जाता है तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात है। श्री शुक्ला के अनुसार  किसी पोस्ट को फॉलोअर्स पसंद करते है तो उनसे इसका कारण पूछना अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी लगाना है।
इस देश में देशद्रोहियों, आतंकवादी व नक्सलियों के पोस्ट को लाईक करने पर ही किसी व्यक्ति पर कार्यवाही  की जाती है ङ्क्षकंतु श्री नागरकर द्वारा इन कर्मचारियों को फेसबुक पोस्ट लाईक करने पर हटाया जाना उनके तानाशाही रवैय्ये को प्रमाणित करता है। शुक्ला ने पत्रकारवार्ता में स्पष्ट किया कि यदि 5 वार्ड ब्वॉय नौकरी में वापस डॉ. नागरकर द्वारा नहीं लिए जाते हैं तो युवक कांग्रेस वार्ड ब्वॉयस की नौकरी वापसी के लिए उग्र प्रदर्शन कर धरना देगी। उन्होंने रणनीति बनाकर वार्ड ब्वॉयस के अधिकारों के लिए आगे लड़ाई लडऩे की बात कही।