रायपुर। राजधानी रायपुर में नौ दिनों तक बांस शिल्पियों की काफी चहल-पहल रहेगी। स्थानीय पंडरी इलाके में स्थित छत्तीसगढ़ हाट में नौ दिवसीय बांस शिल्प मेला आज से शुरू हो गया। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा किया गया है। शुभारंभ समारोह में ग्रामोद्योग विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, बोर्ड के प्रबंध संचालक श्यामलाल धावड़े सहित बड़ी संख्या में बांस शिल्पी और नागरिक उपस्थित थे।

यह मेला 15 अक्टूबर तक चलेगा। मेले में बांस शिल्प परियोजना गरियाबंद, मोहला मानपुर, नारायणपुर सहित जगदलपुर, कोण्डागांव, बिलासपुर, अम्बिकापुर एवं कोरबा जिले के बांस शिल्पियों द्वारा स्टाल लगाए गए हैं। मेले में बांस से निर्मित सोफासेट, पंलग, दीवान, मोड़ा, स्टूल, बुक रेक, पेपर होल्डर, मैग्जिन होल्डर, सीनरी एवं परम्परागत घरेलू उपयोगी और सजावटी समान प्रदर्शनी सह विक्रय के लिए उपलब्ध है।

श्रीमती बारिक ने स्टालों का अवलोकन किया और शिल्पियों से चर्चा भी की। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों को मेला परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश सहित शिल्पियों के ठहरने और उनके भोजन व्यवस्था के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मेला सवेरे 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

बुजुर्ग के खाते से 11 लाख निकालने वाले दो गिरफ्तार
रायपुर।
बुजुर्ग व्यक्ति के खाते से 11 लाख 2 हजार रूपए निकालने का मामला प्रकाश में आया है। प्रार्थी की शिकायत पर मुजगहन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर दो लोगोंं को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी बुधारूराम साहू पिता विशालराम साहू 75 वर्ष ग्राम डूंडा का रहने वाला है। बताया जाता है कि ग्राम डुंडा में साहू ऑटो सेंटर चलाने वाला आरोपी अश्वनी साहू पिता शंकर साहू 45 वर्ष अपने दोस्त मोहम्मद एजाज पिता मोहम्मद अकरम 43 वर्ष के साथ मिलकर 24 अगस्त 2015 को प्रार्थी का बैंक में खाता खुलावाया। जिससे आरोपियों ने प्रार्थी को पासबुक और चेकबुक दे दिया और एटीएम अपने पास रख लिया। जिसके बाद आरोपियों ने
सन् 2015 से अब तक प्रार्थी के खाते से कुल 11 लाख 2 हजार रूपए निकाल लिया। जब इस बात की जानकारी प्रार्थी को मिली तो उसने इसकी शिकायत मुजगहन थाने में की। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।