अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में बताया है एफएसएल का महत्व 

भोपाल। मध्यप्रदेश के एफएसएल  सेवा के अधिकारियों ने उस समय खूब वाहवाही बटोरी जब उन्होंने एफएसएल की भूमिका और उसका महत्व बताया। उन्होंने अपने प्रेजेंटेशन में कहा की किस तरह से किसी भी प्रकरण में एफएसएल की कितनी भूमिका होती है अगर किसी मामले में एफएसएल ने भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए है तो वह कभी झूठा नहीं हो सकता। साथ ही एफएसएल की जांच रिपोर्ट को न्यायालय भी गंभीरता से लेता है।

इस तरह से अपने प्रेजेंटेशन में एमपी के एफएसएल अधिकारियों ने बारी-बारी से अपनी बात रखी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुजरात के गांधीनगर में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस थी। जिसका विषय फॉरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी था। जिसमें एडीजी तकनीकी सेवाएं दिनेशचंद सागर के नेतृत्व में एमपी के करीब 9 एफएसएल अधिकारियो का एक दल गया था।इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में यूएसए, संयुक्त अमेरिका ,मलेशिया ,ऑस्ट्रेलिया जैसे देश के फॉरेंसिक साइंटिस्ट ने भाग लिया।

इस कांफ्रेंस में एडीजी तकनीकी सेवाएं दिनेश चंद सागर ने अपने प्रेजेंटेशन में कहा कि एक लड़की के साथ बलात्कार करके उसकी क्रूरता पूर्वक हत्या करने के मामले में केवल 9 दिनों में ही जिला न्यायालय भोपाल ने उसे मृत्युदंड दिया था। यह सफल हो पाया था अभियोजन शाखा के साक्ष्य , एफएसएल की जांच रिपोर्ट और जिला पुलिस बल द्वारा इमानदारी से अपना काम करना आदि शामिल है।

एडीजी सागर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए बताया कि एफएसएल सेल को और मजबूत बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश है, जिससे सजायादिका का प्रतिशत बढ़ेगा और साथ ही एफएसएल को और अधिक विकसित करने के बारे में कहा। इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में एडीजी सागर के साथ डायरेक्टर स्पेशल डॉक्टर हर्ष शर्मा,अखिलेश भार्गव,डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव, अजय सोनी,विनय मिश्रा,  अमित कोठारी,निलेश यादव तथा हीरक आर दास गुजरात गए थे।