लखनऊ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे की कम्पनी को लेकर उठे विवाद पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने जहां इस प्रकरण को ‘बेटा मॉडल’ बताया है, वहीं भाजपा ने उसे ‘दामाद मॉडल’ (रॉबर्ट वड्रा) की याद दिलायी है। 

कांग्रेस के प्रान्तीय अध्यक्ष राज बब्बर ने यहां संवाददाता सम्मेलन में अमित शाह के बेटे जय शाह की कम्पनी को लेकर उठे मामले को कारोबार का ‘बेटा मॉडल’ बताते देते हुए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों से इसकी जांच कराने और जांच पूरी होने तक सम्बन्धित आरोपियों को उनके पदों से बर्खास्त करने की मांग की है, ताकि इससे जांच प्रभावित ना हो। 

उन्होंने भाजपा से जनता की ओर से सात सवाल पूछे और कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आखिर भाजपा अध्यक्ष के बेटे की कम्पनी को लेकर उठे विवाद पर सफाई क्यों दी। जय शाह ने नोटबंदी से ऐन पहले अक्तूबर 2016 में अपनी 16,000 गुना ज्यादा मुनाफे वाली कम्पनी आखिर क्यों बंद कर दी। अगर घोटाला नहीं था, तो कम्पनी क्यों बंद हुई।  

बब्बर ने पूछा कि जय शाह की कम्पनी किस प्रकार इतनी फली-फूली, इस बारे में आयकर विभाग ने कोई जानकारी क्यों नहीं की। कैसे जय की कम्पनी में 51 करोड़ रुपये विदेश से आये। रिजर्व बैंक ने जय की कम्पनी को मात्र छह करोड़ 20 लाख रुपये की सम्पत्ति की जमानत पर 25 करोड़ रुपये का कर्ज दिये जाने पर ध्यान क्यों नहीं दिया। 

बब्बर जिस वक्त भाजपा पर ‘बेटा मॉडल’ का आरोप लगा रहे थे, लगभग उसी समय प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह संवाददाता सम्मेलन करके कांग्रेस को ‘दामाद मॉडल’ की याद दिला रहे थे। सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसीलिये वह भाजपा अध्यक्ष की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस को ‘दामाद मॉडल’ पर स्पष्टीकरण देना चाहिये। उनका इशारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ड वाड्रा की ओर था, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। 

सिंह ने कहा कि वाड्रा के मामले में जांच चल रही है और वह जेल जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का बालक बड़ा नहीं हो रहा है। उन्हें यह देख लेना चाहिये था कि जय शाह की कम्पनी नोटबंदी से पहले ही बंद हो गयी थी।