घर में वास्तु के नियमों का पालन करने से प्राकृतिक सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जिससे परिवार का विकास होता है। आप नोटिस करेंगे जिन घरों में लोग वास्तु और फेंगशुई को फौलो करते हैं, वह अन्य घरों की तुलना में अधिक सफल, समृद्ध और शांतिपूर्ण जीवन निर्वाह करते हैं। आप भी अपनी पारिवारिक समस्याओं का हल चाहते हैं तो करें कुछ नियमों का अनुसरण-


बीम के नीचे सोने या बैठने से मानसिक तनाव और क्लेश होता है इससे बचने के लिए बीम के दोनों सिरों पर लकड़ी की बांसुरी लटका दें।

अपने घर के पूजा घर में देवताओं के चित्र भूलकर भी आमने-सामने नहीं रखने चाहिएं इससे बड़ा दोष उत्पन्न होता है।


अपने घर के ईशान कोण में स्थित पूजा-घर में अपनी बहुमूल्य वस्तुएं नहीं छिपानी चाहिएं।

घर के मंदिर में घी का एक दीपक नियमित जलाएं। शंख की ध्वनि तीन बार सुबह और शाम के समय करने से नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर निकलती है।


घर में उत्पन्न वास्तुदोष घर के मुखिया को कष्टदायक होते हैं। इसके निवारण के लिए घर के मुखिया को सातमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

यदि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिणामुखी है तो यह भी मुखिया के लिए हानिकारक है। इसके लिए मुख्यद्वार पर श्वेतार्क गणपति की स्थापना करनी चाहिए।


घर में भोजन करते हुए गृह स्वामी के सामने क्लेश न करें और कोई नकारात्मक बात भी न करें।


मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों तरफ (अगल बगल) व ऊपर रोली, कुमकुम, हल्दी, केसर आदि घोलकर स्वास्तिक व ओमकार (ॐ) का शुभ चिन्ह बनाएं।

 
घर में मकड़ी का जाल हो तो तुरंत साफ करें, अन्यथा राहू के दुष्प्रभाव में वृद्धि होती है।


घर में हो रही सीलन तुरंत ठीक करवा लें। यह घर की आर्थिक स्थिति पर असर डालती है। इसे ठीक करवाने से आर्थिक समृद्धि मिलेगी।


घर के प्रत्येक प्रकार के वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर के ऊपर एक मिट्टी के बर्तन में सतनाजा और दूसरे मिट्टी के बर्तन में पानी भर कर पक्षियों के लिए रखें।