कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी के बीच इन दिनों आर-पार की लड़ाई चल रही है. राहुल गांधी गुजरात में घूम-घूम कर मोदी सरकार और बीजेपी पर तीखा वार कर रहे हैं. तो अब बीजेपी ने भी राहुल को उनके घर से ही घेरने की रणनीति पर काम किया है.

इसी कड़ी में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव मौर्य रैली अमेठी में रैली को संबोधित करेंगे.  

अमेठी में इस दौरान कई योजनाओं की भी शुरुआत की जाएगी. गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी अमेठी से चुनाव लड़ी थी लेकिन हार गई थी. इसके बावजूद भी वह लगातार अमेठी से जुड़ी रही हैं. ईरानी सोमवार से ही यहीं पर डेरा जमाए हुए हैं.

राहुल ने अमेठी से किया था सीधा वार

अपने अमेठी दौरे पर राहुल ने प्रधानमंत्री पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था, "प्रधानमंत्री को यह शोभा नहीं देता है कि जब भी कोई बिगड़ती अर्थव्यवस्था की बात करता है, बढ़ती बेरोजगारी की बात करता है, किसानों की आत्महत्या की बात करता है, तो कोई ना कोई बहाना बना देते हैं. ये समय पैनिक करने का नहीं है, फॉक्स करने का है. प्रधानमंत्री को बहाने देना बंद कर देना चाहिए"

अमेठी पर बीजेपी की नजर

अमेठी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था. 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां राहुल और स्मृति के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिला था. चुनाव राहुल जीते थे. राहुल को चार लाख आठ हजार 651 मत मिले जबकि स्मृति ईरानी को तीन लाख 748 वोट हासिल हुए थे. चुनाव हारने के बावजूद स्मृति की सक्रियता अमेठी में बनी रही.

बात 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की करें तो बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली और राहुल के निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के तहत आने वाली दस विधानसभा सीटों में से 6 पर जीत दर्ज की थी.