रायपुर। दीवाली त्यौहार की वजह से राजधानी की यातायात व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई है। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक जाम लग रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दीवाली त्यौहार को अब सिर्फ महज एक सप्ताह ही शेष बचा है। इसे देखते हुए शहर के बाजारों में खरीददारों की भीड़ उमड़ रही है। चूंकि रायपुर शहर छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा चिल्हर व थोक बाजार वाला शहर है इसलिए दीवाली की खरीददारी करने यहां के अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों के साथ-साथ उड़ीसा प्रदेश के कई शहरों व गांवों से भी लोग यहां खरीददारी करने पहुंचते है। दूर-दराज से आने वाले लोगों में कई ट्रेन व बसों के माध्यम से रायपुर आकर यहां आते है तो कई लोग अपनी निजी चार पहिया वाहनों से यहां पहुंचते है।

त्यौहारी खरीददारों के चलते रायपुर में सुबह 11 बजे से लेकर रात 9 बजे तक शहर के बाजार वाले इलाको से लेकर कई प्रमुख मार्गों पर चार पहिया, तीन पहिया वाहनों के कारण जाम लग रहा है, जिसके चलते दोपहिया वाहनों के साथ पैदल यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मालवीय रोड, सदर बाजार, गोलबाजार, पंडरी कपड़ा मार्केट में जगह-जगह रोज जाम लग रहा है। यहां जाम लगने की सबसे बड़ी वजह चार पहिया वाहनें है।

त्यौहार के दिनों में बाजार में खरीददारों की भीड़ होने के बावजूद शहर के प्रमुख बाजार के अंदर चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप वहां दिनभर लोग जाम की समस्या से जूझते रहते है। ज्ञात हो जिला प्रशासन ने मालवीय रोड, गोलबाजार, सदर बाजार जैसे प्रमुख मार्गों पर ऑटो रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध तो लगा दिया है, लेकिन चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगा पा रही है। चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं लगाना समझ से परे है।