नई दिल्ली।  भले ही भारतीय क्रिकेट टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह फिटनेस की वजह से टीम में जगह ना बना पा रहे हों, लेकिन उनके पिता योगराज सिंह को अभी भी उम्मीद है कि उनका बेटा जल्द ही टीम में वापसी करेगा। योगराज ने मीडिया से बातचीत के दाैरान कहा कि उसने 17 साल तक मैदान में अपना लहू बहाया, मेरा सिर उसके कदमों में झुक गया है। उन्होंने कहा, युवराज ने मुझसे कहा था कि पापा मैं भारत के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं, अगर मैं मैदान पर मर भी गया तो मेरी लाश को सैल्यूट करना। 

युवराज को फिटनेस साबित करने की जरुरत नहीं
योगराज ने युवराज की फिटनेस को लेकर अपना आैर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता गुगु गिल का उदाहरण पेश किया। योगराज ने कहा कि जैसे योगराज आैर गुगु गिल को यह साबित करने की जरुरत नहीं है कि वह पिछले 40 सालों से पंजाबी सिनेमा के लिए काम कर रहे हैं। वैसे ही युवराज को भी यह साबित करने की जरुरत नहीं है कि उसका फिटनेस लेवल क्या है। उन्होंने कहा जब युवराज भारतीय टीम में खेलने गए थे तो साथी खिलाड़ियों को कैच करना नहीं आता था। गेंद उनकी टांगों के बीच से निकल जाती थी। युवराज ने जो 17 साल पहले पायदान बदला आज उसकी बदाैलत यंग प्लेयर्स अपनी फिटनेस लेवल को आगे तक लेकर गए हैं। योगराज ने कहा, ''मैं खुशकिस्मत बाप हूं जिसने ऐसा बेटा, ऐसा सपूत पाया है। युवराज एक ऐसा प्लेयर है जो कहीं भी खुद को सही साबित कर सकता है।''

क्रिकेट बोर्ड को मेरा सैल्यूट
जब उनसे पूछा गया कि युवराज के बाहर होने के पीछे बोर्ड का हाथा है तो योगराज भड़क उठे। उन्होंने कहा कि बोर्ड का मैं ऋणी हूं जिसने क्रिकेट को बहुत कुछ दिया। बोर्ड ने जो देश के लिए किया उसका देन लोग दे नहीं सकते। उन्होंने खिलाड़ियों को पैसे दिए, पेंशन दी, ऐसे बोर्ड को कभी भला बुरा नहीं कहा जा सकता। युवराज को जब कैंसर हुआ था तो बोर्ड ने सहायता की थी आैर उसके इलाज के लिए 5 करोड़ रुपए दिए थे। ऐसे बोर्ड को मैं सैल्यूट करता हूं। 

युवराज कर रहा है मेहनत
योगराज ने कहा कि बोर्ड ने जो फिटनेस टेस्ट रखा है उसे पार करना हर खिलाड़ियों के लिए जरुरी है। युवराज भी यह टेस्ट पास करेगा जिसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रहा है। अगर वह टेस्ट पास कर लेता है तो युवराज टीम में फिर से वापसी कर सकता है। योगराज ने साथ में यह भी कहा था कि जो मैने सोचा था वो युवराज ने भी पूरा किया आैर भगवान ने भी। अगर वह क्रिकेट छोड़कर आज ही संन्यास ले तो मुझे को दुख नहीं।