राजस्थान के उदयपुर शहर के एमबी अस्पताल में मंगलवार को प्रतापनगर थाना इलाके में सामूहिक आत्महत्या मामले में सभी चारों शवों के पोस्टमार्टम किए गए. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए.

शहर खेमपुरा की इस घटना में जहर खाने के बाद पूरे परिवार को अस्पताल ले जाया गया लेकिन कोई नहीं बच सका. टीचर विनोद शर्मा, पत्नी कल्पना, बेटे निखिल और बेटी अंजू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.

बेटी अंजू ने चाचा को किया था फोन... हमें बचा लो

विनोद शर्मा के परिजनों के अनुसार उनकी छोटी बेटी अंजू ने सोमवार को जहर पिने के बाद अपने चाचा पुरुषोत्तम को फोन किया था. पुरुषोत्तम के अनुसार उसने दोपहर 3.30 बजे के करीब फोन किया और कहा था कि पूरा परिवार जहर पी चुका था. चाचा हम चारों को बचा लो, हम मरने वाले हैं. चाचा कुछ जवाब दे पाते तब तक फोन कट चुका था.

हम सोच समझ कर उठा रहे कदम ?

विनोद का लिखा सुसाइड नोट भी उनके घर से मिला है. उसमें लिखा है कि यह कदम हम सब पूरे होश हवास में उठाया है. इसके पीछे किसी का भी हाथ नहीं है. मरने के बाद बाद मेरी पूरी संपत्ति मेरे छोटे भाई पुरुषोत्तम के नाम कर दी जाए.

बड़ी बेटी लापता, प्रेम प्रसंग की चर्चा

इस सामूहिक आत्महत्या मामले में परिवार की बड़ी बेटी कोमल लापता है. प्रतापनगर थानाधिकारी हनवंत सिंह के अनुसार बड़ी बेटी की तलाश की जा रही है. परिजनों से मिली प्रेम प्रसंग की जांच भी की जा रही है. हालांकि अभी किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं हुई है.