उत्तर प्रदेश में शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र में शुगर मिल के बायो गैस प्लांट से गैस के रिसाव से निकटवर्ती सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर जूनियर हाईस्कूल के सैंकड़ो बच्चे बेहोश हो गए। स्कूली बच्चों के बेहोश होने पर जिला प्रशासन और स्कूल संचालको में हड़कंप मच गया।
                
अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह के अनुसार मेरठ-करनाल मार्ग पर स्थित सर शादी लाल शुगर मिल के बायो गैस प्लांट से निकलने वाले वेस्ट लिक्विड कैमिकल में बनी गैस के वातावरण में फैलने से बायोगैस प्लांट के निकट स्थित स्कूल सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने के लिए जा रहे छात्र- छात्राएं चपेट में आ गए जिससे उनको सांस लेने में भारी परेशानी आने लगी तथा कई बच्चे बेहोश हो गए।
                
आनन-फानन में बेहोश बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां बेड कम होने के कारण मुजफ्फरनगर समेत कई अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर किया गया। कुछ बच्चों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने पर बच्चों के परिजनों ने स्कूल में हंगामा शुरु कर दिया। वहीं, मिल प्रशासन गैस से बच्चों के बेहोश होने की बात को सिरे से नकार रहा है।
                
शुगर मिल के चीफ सिक्योरिटी इंचार्ज आर के गुप्ता का कहना है कि प्लांट से निकलने वाले वेस्ट कैमिकल की गैस से स्कूल के बच्चों के प्रभावित होने का आरोप गलत है क्योंकि प्लांट के निकट एक और कौशाम्बी स्कूल स्थित है उसमें पढ़ने वाले बच्चे गैस से प्रभावित नहीं हुए, जबकि स्कूल प्रधानाचार्य उमेश कुमार का आरोप है प्लांट से निकलने वाली गैस से ही स्कूल के लगभग 200 बच्चे बेहोश हुए है। अपर जिलाधिकारी वित्त शिव बहादुर सिंह ने इस मामले की गहनता से जांच के आदेश दिए हैं।

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