यूरोप में नार्वे की पहचान एक ऐसे देश की है जहां सूरज अस्त नहीं होता. वही नार्वे देश अब चाहता है कि सात समुन्दर पार भारत में स्थित मध्य प्रदेश में निवेश हो.

'मध्यप्रदेश में तकनीक, विद्युत और स्वच्छता के क्षेत्र में काफी कार्य हुआ है, मगर अभी और विकास किए जाने की जरूरत है. हम शिक्षा रोजगार और आईटी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार का सहयोग करना चाहते हैं.'

यह बात नार्वे के राजदूत नील्स रेगनेर केम्सवेग ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिहं से मुलाकात के दौरान कही.  नार्वे के राजदूत ने राजधानी भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की और एक घंटे तक चर्चा की.

बताया जा रहा है कि चर्चा के दौरान सीवेज ट्रीटमेंट के साथ साथ कई महत्वपूर्ण मुददों पर बात हुई. मुलाकात के दौरान राजदूत ने बताया कि राज्य में नार्वे विद्युत् संयंत्र लगाने को इच्छुक है, साथ ही वे आईटी और सॉफ्टवेर तकनीक में भी निवेश करना चाहते हैं.