कांग्रेस संगठन चुनावों के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार को 358 पीसीसी सदस्यों और 56 सहवृत पीसीसी सदस्यों की सूची जारी कर दी गई. प्रदेश निर्वाचन अधिकारी केवल सिंह ढिल्लो ने यह सूची जारी की.

पीसीसी सदस्यों की सूची में परिवारवाद भी छाया रहा है, कई कांग्रेस नेताओं के पुत्र-पुत्रियों को भी पीसीसी सदस्य बनाया है. प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की मां रमा पायलट दौसा शहर ब्लॉक से पीसीसी सदस्य चुनी गई हैं.

बांसवाड़ा के बड़े कांग्रेस नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय का नाम पीसीसी सदस्यों की सूची से गायब है लेकिन मालवीय की पत्नी रेशम मालवीय को पीसीसी सदस्य बनाया है. 42 पीसीसी सदस्यों की सूची रोकी है. उपचुनाव वाले अजमेर, अलवर लोकसाा क्षेत्र और मांडलगढ विधानसभा सीट के ब्लॉक्स के 34 पीसीसी सदस्यों के साथ आठ और ब्लॉक की सूचियां भी रोकी गई हैं.

पति-पत्नी, कहीं मां-बेटी, बाप-बेटी, बाप-बेटा साथ-साथ बने पीसीसी सदस्य

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह शेखावत श्रीमोधोपुर से तो उनके पुत्र बालेंदु सिंह शेखावत अजीतगढ़ से, अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत खमनौर से पीसीसी सदस्य बने हैं. पूर्व ससंदीय सचिव जाहिदा खान और उनके पति जलीस खान, महिपाल मदेरणा की पत्नी लीला मदेरणा और बेटी दिव्या मदेरणा दोनों पीसीसी सदस्य बनी हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रद्युम्न सिंह के पुत्र रोहित बोहरा, पूर्व विधायक सालेह मोहम्मद और उनके भाई अब्दुला फकीर, राजकुमार शर्मा के भाई राजपाल शर्मा, हरेंद्र मिर्धा और उनके पुत्र राघवेंद्र मिर्धा, पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी और उनकी पत्नी सुनीता चौधरी साथ साथ पीसीसी सदस्य बने हैं. पूर्व सासंद बद्री जाखड़ और उनकी पुत्री मुन्नीदेवी गोदारा पीसीसी सदस्य बने हैं. नारायण सिंह के पुत्र वीरेंद्र सिंह को दांतारामगढ़ से पीसीसी सदस्य बनाया है.

रिटायर्ड आईएएस, आईपीएस को भी मिली जगह

पीसीसी सदस्यों की सूची में रिटायर्ड अफसरों को भी जगीह दी गई है. पूर्व आईएएस जेपी चंदेलिया, पूर्व आईपीएस के.राम और बिजेंद्र सिंह झाला को भी पीसीसी सदस्य बनाया है. हालांकि के राम और झाल को सहवृत पीसीसी सदस्य बनाया है.